Kamada Ekadashi 2030: हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष चैत्र मास की शुक्लपक्ष की एकादशी तिथि के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। कामदा एकादशी अंगेजी महीना से देखा जाय तो मार्च या अप्रैल के महीने में पड़ती है। कामदा एकादशी व्रत के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा आराधना की जाती है। शास्त्रो के अनुसार कामदा एकादशी का व्रत रखने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। और घर परिवार में सुख समृद्धि आती है और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। और कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने से मनुष्य द्वारा किये गये पापो से मुक्ति मिलती है। यदि कामदा एकादशी शुक्रवार के दिन पड़े तो इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है।
कामदा एकादशी व्रत के दिन गरीब व्यक्ति या किसी भी ब्राम्हण को भोजन कराकर उन्हें दान दक्षिणा देकर विदा करने के बाद ही भोजन ग्रहण करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि जो व्यक्ति एकादशी व्रत को विधि पूर्वक करता है। उसे धन, धान्य, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। और इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे विष्णु लोक में स्थान प्राप्त होता है। अब आईये जानते है साल 2030 में कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) कब है 13 या 14 अप्रैल, जानिए सही दिन तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत पारण, और इस दिन किये जाने वाला उपाय
कामदा एकादशी 2030 में कब है Kamada Ekadashi 2030 Date Time
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| कामदा एकादशी | 14 अप्रैल 2030, दिन रविवार |
| एकादशी तिथि प्रारंभ | 13 अप्रैल 2030, रात 09:13 मिनट पर |
| एकादशी तिथि समाप्त | 14 अप्रैल 2030, रात 08:02 मिनट पर |
| एकादशी व्रत पारण | 15 अप्रैल 2030, सुबह 05:56 से सुबह 08:30 मिनट तक |
कामदा एकादशी पूजा विधि
कामदा एकादशी व्रत वाले दिन व्रती को सुबह जल्दी उठकर सभी देवी देवताओं का ध्यान करे। इसके बाद दैनिक क्रिया से निपटकर स्नान आदि करके साफ व शुद्ध वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प ले। इसके बाद मंदिर की या फिर पूजा स्थल की अच्छे से साफ-सफाई करके एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर उसपर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या फ़ोटो स्थापित करे। इसके बाद भगवान विष्णु को अक्षत, फूल, चंदन, हल्दी आदि चढ़ाए। इसके बाद भगवान विष्णु जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और आरती करे। इसके बाद विष्णु सहस्त्र नाम का पाठ करे और विष्णु मंत्रो का जाप करे। और पूजा के अंत मे भगवान विष्णु को भोग लगाकर प्रसाद सभी मे वितरित करे।
कामदा एकादशी व्रत उपाय
कामदा एकादशी व्रत का हिन्दू धर्म मे विशेष महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि आज के दिन जो भी लोग भगवान विष्णु की विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करते है। और उन्हें खुश करने के लिए इन उपायों को करते है तो भगवान विष्णु की कृपा उसपर सदैव बनी रहती है।
शास्त्रो में बतलाया गया है कि अगर कामदा एकादशी (Kamada Ekadashi) के दिन आप विष्णु चालीसा का पाठ करते हैं और भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करते हैं तो आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होगी।
कामदा एकादशी के दिन जो भी लोग स्नान आदि करके पीपल वृक्ष की 11 बार परिक्रमा करते हुए पीपल वृक्ष पर कच्चा सुत लपेटता है। और परिक्रमा पूरी होने पर पीपल की जड़ में जल अर्पित करता है। और पीपल वृक्ष के सामने हाथ जोड़कर कर्ज से मुक्ति पाने की प्रार्थना करता है तो उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है।
