Ganesh Chaturthi 2028: हिन्दू धर्म मे गणेश चतुर्थी व्रत का विशेष होता है। इसदिन भगवान गणेश जी की पूजा अर्चना की जाती है। विनायक चतुर्थी प्रत्येक माह में आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेशजी के पूजन और व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश जन्मोत्सव मनाया जाता है। यह पूरे 10 दिनों तक मनाये जाने वाला पर्व होता है।
भगवान गणेश जी को सुख-समृद्धि और ज्ञान का देवता माना गया है। ऐसी मान्यता है की भाद्रपद के चतुर्थी तिथि के दिन भगवान गणेश जी को घर लाकर उनकी स्थापना किया जाता है। और पूरे 10 दिनो तक विधिवत उनकी पूजा अर्चना की जाती। गणेश चतुर्थी व्रत को महाराष्ट्र, गुजरात का प्रमुख पर्व के रूप में मनाया जाता है। शास्रों के अनुसार गणेश जी विन्नहर्ता और मंगलकर्ता माने जाते है इनकी पूजा करने से मनुष्य को सुख समृद्धि प्राप्त होती है।
हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी का जन्म हुआ था इसीलिए इस दिन उनकी विशेष पूजा करने से शुभ फलो की प्राप्ति होती है। आइये जानते साल 2028 में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) कब है? 23 या 24 अगस्त, जानिए पूजा की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व स्थापना का शुभ मुहूर्त, और इस दिन किये जाने वाले उपाय –
2028 में गणेश चतुर्थी व्रत कब है: Ganesh Chaturthi 2028 Date And Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| गणेश चतुर्थी व्रत | 23 अगस्त 2028, दिन बुधवार |
| गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त | सुबह 11:07 से दोपहर 01:42 मिनट तक |
| पूजा की कुल अवधि | 02 घण्टे 37 मिनट |
| चतुर्थी तिथि प्रारम्भ | 23 अगस्त 2028, सुबह 05:09 मिनट पर |
| चतुर्थी तिथि समाप्त | 24 अगस्त 2028, दोपहर 01:४१ मिनट पर |
| गणेश विसर्जन होगा | 02 सितम्बर 2028, दिन शनिवार |
गणेश चतुर्थी पूजा विधि
गणेश चतुर्थी के दिन के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर दैनिक क्रिया से निपटकर स्नान आदि करले इसके बाद साँप व शुद्ध वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद पूजा के शुभ शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश जी की प्रतिमा को गंगाजल छिड़ककर एक चौकी पर लाल कपडा बिछाकर स्थापित करे।
इसके बाद भगवान गणेश जी का तिलक कर धूप-दीप, सिंदूर, पुष्प, दूर्वा आदि अर्पित कर उनके प्रिय मोदक या लडू का भांग लगाए। और पूजा करते समय “ऊँ गणार्धिपेताय नम:” मंत्र का जाप करे। ऐसे ही 10 दिनों तक सुबह-शाम बप्पा की आराधना कर चतुर्दशी तिथि को विधि पूर्वक विसर्जन करना चाहिए।
गणेश व्रत के उपाय
विनायक चतुर्थी का व्रत सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए मनाया जाता है। यह दिन भगवान गणेश जी पूजा अर्चना का विशेष दिन माना जाता है इस दिन भगवान गणेश जी पूजा अर्चना करने से घर मे खुशहाली आती है। और जीवन मे दुख दर्द से छुटकारा मिलता है। ऐसे भी गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) के दिन भगवान गणेश जी प्रसन्न करने के लिए तरह-तरह के उपाय किया जाता है जैसे –
- गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी को पीले फूल और फल की माला अर्पित करने के बाद संतान प्राप्ति के इस मंत्र ऊं उमापुत्राय नम: का 108 बार जाप करने के बाद अर्पित किए हुए फलों की माला के फल को बच्चों में बांटने से संन्तान प्राप्ति के योग बनने लगते है।
- गणेश चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी को समी का पत्ता चढ़ाने से सभी प्रकार के दुःख दर्द दूर होता है।
