Goga Navami 2027: हिंदी पंचांग के अनुसार गोगा नवमी प्रयेक वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन गोगा जी महाराज का जन्म हुआ था। इस लिए गोगा नवमी पर गोगादेव जी महाराज के साथ भगवान नाग देवता की भी पूजा की जाती है। जिसे गूगा नौमी के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि गोगाजी महाराज नील घोड़े की सवारी करते है। ऐसा माना जाता है कि गोगादेव साँपों से जीवन की रक्षा करते है। गोगा नवमी के दिन जाहरवीर गोगा जी की पूजा करने से गोगा जी महाराज सर्प के काटने से हमारी रक्षा करते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि गोगा नवमी के दिन गोगा देव जी का व्रत रखने और पूजा अर्चना करने से स्त्रियाँ सौभाग्यवती होती हैं। और पति की दीर्घायु होती है और उनपर आने वाली विपत्तियों से रक्षा होती है। और उनकी हर मनोकामना पूरी होती है। ऐसी मान्यता है कि गोगा नवमी के दिन जो महिलाएं गोगा जी की पूजा अर्चना करती तो उनको पुत्र की प्राप्ति होती है। आईये जानते है साल 2027 में गोगा नवमी (Goga Navami) कब है? 25 या 26 अगस्त, जाने सही डेट, टाइम, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व उपाय
Goga Navami 2027: गोगा नवमी 2027 शुभ मुहूर्त
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| गोगा नवमी | 26 अगस्त 2026, दिन गुरुवार |
| नवमी तिथि प्रारम्भ | 25 अगस्त 2027 को 07:19 पी एम बजे |
| नवमी तिथि समाप्त | 26 अगस्त 2027 को 05:39 पी एम बजे |
गोगा नवमी पूजा विधि
गोगा नवमी (Goga Navami) के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर नित्य कर्मो से निवित्र होकर स्नान आदि करके साफ व शुद्ध कपड़े पहनकर गोगा देव जी महाराज की मूर्ति या फिर फ़ोटो को पूजा स्थल को साफ सुथरा करके एक लकड़ी की चौकी पर स्थापित करके पूजा करे। इसके बाद दीवार पर गेरू से पोतकर दूध में कोयला पीसकर चाकोर घर बनाकर उसमें पांच सर्प बनाकर उन सर्पो पर जल, कच्चा दूध, रोली-चावल, बाजरा, आटा, घी, चीनी मिलाकर चढ़ाया जाता है। और गुलगुले का भोग लगाया जाता है। इसके बाद चावल और रोटी का प्रसाद के रूप में वितरित किया जाता है। इसके बाद किसी गरीब व्यक्ति या किसी पण्डित को दान दक्षिणा दिया जाता है।
