Swami Vivekananda Jayanti 2028: हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष पूर्णिमा के बाद आने वाली पौष मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को स्वामी विवेकानंद जयंती मनाई जाती है। स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) एक महान हिन्दू संत और नेता थे। जिन्होंने रामकृष्ण मिशन और रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी। इस महापुरुष के जन्मदिन पर हर वर्ष 12 जनवरी को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।
इन्होंने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस से आत्मज्ञान प्राप्त किया था। और फिर इस ज्ञान को जनजन तक पहुचाने का काम किया। (Swami Vivekananda) जी शिक्षा प्राप्त करने के बाद लोगो की सेवा करने का निश्चय किया। विवेकानंद नद जी हमेशा चाहते थे कि मनुष्य जीवन का असली उद्देश्य क्या है ओ पता चल सके। इसलिए स्वामी विवेकानंद जी ने लोगो को आत्मनिर्भर बनने और प्रेरणादायक बाते बताई इसलिए आज भी उनकी कहानियां लोगो को प्रेरित करती है।
इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है युवा पीढ़ी को प्रेरित करने के साथ ही उनके पवित्र आदर्शों को आने वाली पीढ़ियों में जगाना था। इस दिन लोग स्वामी विवेकानंद और देश के लिए उनके योगदानों को याद करते हैं। और इस दिन हवन, ध्यान, मंगल आरती, भक्तिमय गीत धार्मिक प्रवचन, संध्या आरती, आदि के द्वारा मनाया जाता है। आइए जानते है साल 2028 में स्वामी विवेकानंद जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) कब मनाई जाएगी १७ या 18 जनवरी, जानिए सही डेट और इनके द्वारा बतलाए गए कुछ अनमोल विचार –
2028 में स्वामी विवेकानंद जयंती कब है: Swami Vivekananda Jayanti 2028 Date And Time
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| स्वामी विवेकानंद जयंती | 18 जनवरी 2028, दिन मंगलवार |
| सप्तमी तिथि प्रारम्भ | १७ जनवरी 2028, दोपहर 03:12 मिनट पर |
| सप्तमी तिथि समाप्त | 18 जनवरी 2028, दोपहर 01:31 मिनट पर |
स्वामी विवेकानंद जी का संक्षिप्त जीवन परिचय
हिंदी पंचांग के अनुसार (Swami Vivekananda) जी का जन्म 12 जनवरी 1863 ईसवी को कोलकाता में हुआ था। इनके पिता का नाम विश्वनाथ दत्त था और वह पेशे से हाई कोर्ट के वकील थे। स्वामी विवेकानंद के गुरु का नाम रामकृष्ण परमहंस था। स्वामी विवेकानंद जी ने अपना पूरा जीवन भारत के गौरव के लिए समर्पित कर दिया। स्वामी विवेकानंद जी उन महान व्यक्तियो में से एक थे जिन्होंने पूरे विश्व भर में भारत का नाम रोशन किया।
स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार
- ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं। वो हमीं हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं। और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
- जितना बड़ा संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी।
- यह कभी मत कहो कि मैं नहीं कर सकता क्योंकि आप अनंत हैं।
- उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो। तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो। तुम तत्व नहीं हो, तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो।
- किसी दिन जब आपके सामने कोई समस्या न आए तो आप समझ जाइये की आप गलत मार्ग पर चल रहे हैं।
- लोग तुम्हारी स्तुति करें या निंदा। लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो। तुम्हारा देहांच आज हो या युग में। तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो।
- उठो जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाए।
- यही दुनिया है यदि तुम किसी का उपकार करो, तो लोग उसे कोई महत्व नहीं देंगे। किन्तु ज्यों ही तुम उस कार्य को बंद कर दोगे, वे तुरन्त तुम्हें बदमाश प्रमाणित करने में नहीं हिचकिचायेंगे।
