Rama Ekadashi 2029: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु जी को समर्पित होती है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रमा एकादशी मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना की जाती है। रमा माता लक्ष्मी का ही एक नाम है। इसलिए सभी एकादशी में रमा एकादशी का महत्व कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है।
इसलिए रमा एकादशी के दिन माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से हजारों गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार रमा एकादशी (Rama Ekadashi) के दिन जो भी व्यक्ति यह व्रत करता है उसके जीवन की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आइये जानते है साल 2029 में रमा एकादशी कब है? 02 या 03 नवम्बर, जानिये सही दिन तारीख, पूजा शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत पारण और इस दिन किये जाने वाले उपाय –
2029 में रमा एकादशी व्रत कब है: Rama Ekadashi 2029 Date And Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| रमा एकादशी व्रत | 02 नवम्बर 2029, दिन शुक्रवार |
| एकादशी तिथि प्रारम्भ | 02 नवम्बर 2029, सुबह 02:22 मिनट पर |
| एकादशी तिथि समाप्त | 02 नवम्बर 2029, रात 11:58 मिनट पर |
| एकादशी व्रत पारण का समय | 03 नवम्बर 2029, सुबह 06:35 से 08:46 मिनट तक |
रमा एकादशी पूजा विधि
रमा एकादशी व्रत के दिन सभी व्रती सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रिया से निवृत्त होकर स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनकर रमा एकादशी व्रत का संकल्प ले। इसके बाद मंदिर की साफ सफाई करके एक लकड़ी की चौकी पर पिला वस्त्र विछाकर उसपर भगवान विष्णु और माता की मूर्ति या फ़ोटो स्थापित करे। इसके बाद भगवन विष्णु जी और माता लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना करे।
इसके बाद भगवान विष्णु जी को पिला वस्र, पिला-फूल धूप-दीप, तुलसी पत्र, नैवेद्य, आदि अर्पित करे। इसके बाद माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु जी के मंत्रो का जाप करते हुये आरती करे। और एकादशी व्रत की कथा पढ़े या फिर सुने। और फिर द्वादशी तिथि के दिन शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करे और ब्राह्मण को भोजन कराकर दान दक्षिणा देकर व्रत का समापन करे।
रमा एकादशी व्रत उपाय
हिंदी पंचांग के अनुसार कार्तिक मास में पड़ने वाली रमा एकादशी बहुत ही खास मानी जाती है। क्योकि कार्तिक का महीना भगवान विष्णु का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। इसलिए कार्तिक मास में रमा एकादशी (Rama Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का पूजा करने के साथ कुछ उपाय जरूर करनी चाहिए जैसे –
- शास्रों के अनुसार रमा एकादशी के दीन माता तुलसी को जल नही चढ़ाना चाहिए। क्योकि रमा एकादशी के दिन माता तुलसी भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
- ऐसी मान्यता है कि रमा एकादशी के व्रत के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए। और रमा एकादशी व्रत वाले दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।
- और रमा एकादशी तिथि से एक दिन पहले दशमी तिथि को भी सात्विक भोजन ग्रहण करना चाहिए।
- और रमा एकादशी व्रत के दिन घर में तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए और नाही व्रती को खाना चाहिए।
- बल्कि रमा एकादशी के दिन एकादशी व्रत की कथा जरूर सुननी चाहिए इससे व्रती को कई गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है।
- धार्मिक मान्यता के अनुसार रमा एकादशी के दिन तुलसी के पौधे के पास शालिग्राम की मूर्ति या फोटो स्थापित कर विधिवत पूजा करने से घर में सुख समृद्धि आती है।
- दिवाली से ठीक पहले आने वाली रमा एकादशी तिथि से लक्ष्मी पूजन शुरू होता है। इसलिए इस दिन पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें 11 कौड़िया चढ़ाने के बाद द्वादशी तिथि को धन के पास रखने से आर्थिक लाभ मिलता है।
- ऐसी मान्यता है कि रमा एकादशी (Rama Ekadashi) के दिन किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को पिला फल, पिला पुष्प, पिला अनाज आदि का दान करने से घर मे सुख समृद्धि आती है। और घर में माता लक्ष्मी का वास होता है।
- इसके अलावा आप बच्चों के लिए पढ़ने-लिखने की चीजों का भी दान कर सकते हैं। ऐसा करने से माता लक्ष्मी और माता सरस्वती की भी कृपा आप पर बनी रहेगी।
