2027 में नवपत्रिका पूजा कब है: Navpatrika Puja 2027 Date And Time New Delhi India

Navpatrika Puja 2027: शारदीय नवरात्रि का हिन्दू धर्म मे विशेष महत्व है। इस दिन माता दुर्गा के सभी नव रूपो की पूजा की जाती है। इस दिन माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए माता दुर्गा की नव दिनों तक पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि शारदीय नवरात्रि में माता दुर्गा की पूजा करने से खुशी, शक्ति, और ज्ञान की प्राप्ति होती है। शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन को नव पत्रिका पूजन किया जाता है।

जो महासप्तमी तिथि से शुरू होती है। इस दिन नौ प्रकार के पत्तों से बने गुच्छ की पूजा करके माता दुर्गा का आह्वान किया जाता है। और इन नवपत्रिका को महा सप्तमी के दिन दुर्गा पंडाल में रखा जाता है। यह पर्व मुख्य रुप से बंगाल, उड़ीसा एवं पूर्वी भारत के क्षेत्रों में मनाया जाता है। आइये जानते है साल 2027 में नवपत्रिका (Navpatrika Puja) पूजा कब है? 06 या 07 अक्टूबर, जानिए सही तिथि, पूजा विधि, पूजा का शुभ मुहूर्त और नवपत्रिका पूजा का महत्व –

2027 में नवपत्रिका पूजा कब है: Navpatrika Puja 2027 Date And Time New Delhi India

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
नवपत्रिका पूजा06 अक्तूबर 2027, दिन बुधवार
सप्तमी तिथि प्रारम्भ06 अक्टूबर 2027, सुबह 02:32 मिनट पर
सप्तमी तिथि समाप्त07 अक्टूबर 2027, सुबह 04:13 मिनट पर

नवपत्रिका पूजा विधि

इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके नये वस्त्र पहनकर पूजा का संकल्प ले इसके बाद नवपत्रिका पूजा शुरू करने के लिए नौ पौधों की शाखाओं की पत्तियों को इकट्ठा करके एक साथ बांध लिया जाता है। फिर उसे एक नारंगी या लाल रंग की साड़ी के साथ लपेट कर इसे पूजा के लिए अलग रखा जाता है। नवपत्रिका पूजा सुबह-सूर्योदय के समय की जाती है। सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके पूजा की तैयारी करले।

इसके बाद नवपत्रिका (Navpatrika Puja) को नदी, पोखर, तालाब , या गंगा नदी में स्नान कराएं। स्न्नान करने के बाद नवपत्रिका को माता दुर्गा के पंडाल में सजाते है। और माता दुर्गा की छवि को स्नान करवा कर नवपत्रिका को माता दुर्गा के दाहिने तरफ रखा जाता है। फिर प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने के बाद, देवी दुर्गा की मूर्ति के सामने एक उचित घाट स्थापित किया जाता है। फिर, इसके बाद पूरे विधि विधान के साथ माता की पूजा की जाती है।

नवपत्रिका पूजा के लिए 9 पत्तियां निम्नलिखित है

  1. केले का पता
  2. अमलतास पत्ता
  3. धान का पत्ता
  4. अशोक का पत्ता
  5. अनार का पत्ता
  6. सिरफल(बेल) पत्ता
  7. जयंती का पत्ता
  8. केले का पत्ता
  9. हल्दी का पत्ता
  10. आम का पत्ता इत्यादि

नवपत्रिका पूजा उपाय

नवपत्रिका पूजा का मुख्य उद्देश्य है घर में सुख-समृद्धि, आरोग्यता और सकारात्मक ऊर्जा का वास कराना है। नवपत्रिका (Navpatrika Puja) के दिन माता दुर्गा की प्रतिमा के दाईं ओर एक चौकी पर स्थापित किया जाता है। इसके बाद धूप, दीप, रोली, अक्षत (चावल) और नैवेद्य (भोग) अर्पित करके षोडशोपचार या पंचोपचार पूजा की जाती है।

2028 में नवपत्रिका पूजा कब है

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