Bach Baras 2026: हिंदी पंचांग के अनुसार हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को बछ बारस या द्वादशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है। क्योकि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। और इस दिन गाय की पूजा करने से सभी देवी-देवताओं का आर्शीवाद प्राप्त होता है। भाद्रपद मास में पड़ने वाले इस पर्व को गोवत्स उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो माताएं पूरे विधि-विधान से गौ माता और बछड़े की पूजा करती हैं। और उन्हें हरा चारा खिलाती हैं, तो उनके घर पर गौ माता की कृपा होती है। और इस दिन सभी पुत्र वति महिलाएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए व्रत भी रखती हैं। आईये जानते है साल 2026 में बछ बारस (Bach Baras) कब है? 05 या 06 नवंबर, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इस दिन क्या करे और क्या न करे।
बछ बारस पूजा विधि
bach Baras Puja Vidhi: बछ बारस के दिन दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह-सवेरे जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहनती हैं। इसके बाद गाय और उसके बछड़े को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाती हैं। और बछड़े को फूलों की माला पहनाकार दोनों के माथे पर तिलक लगती है। और सीगों को सजाती है।
इसके बाद एक तांबे के पात्र में अक्षत, तिल, जल, सुगंध और फूलों को मिलाकर इस मंत्र का जप करती है। ‘क्षीरोदार्णवसम्भूते सुरासुरनमस्कृते। सर्वदेवमये मातर्गृहाणार्घ्य नमो नम:॥ इसके बाद गौ माता के पैरों में लगी मिट्टी से अपने माथे पर तिलक लगाती है। और बछ बारस की कथा सुनती है या फिर पढ़ती है।
और पूरे दिनभर निर्जला व्रत रखती है। और रात को अपने इष्ट और गौ माता की आरती करके व्रत खोलती है और फिर भोजन ग्रहण करती है। लेकिन गाय के दूध से बनी कोई भी वस्तु और नही खाना चाहिए। बल्कि बाजरे की ठंडी रोटी खाना चाहिए।
बछ बारस 2026 में कब है? Bach Baras 2026 Date And Time
हिंदी पंचांग के अनुसार बछ बारस (Bach Baras) का पर्व भाद्रपद मास के द्वादशी तिथि को मनाया जाता है। जो इस साल 2026 में बछ बारस 07 सितम्बर दिन सोमवार को मनाई जाएगी।
प्रदोषकाल में पूजा का शुभ मुहूर्त है – शाम 07 बजकर 29 मिनट से लेकर रात 09:44 मिनट तक रहेगा
पूजा की अवधिहै – 02 घण्टे 15 मिनट तक
द्वादशी तिथि प्रारम्भ होगी – 07 सितम्बर 2026 को सुबह 07 बजकर 33 मिनट पर
द्वादशी तिथि समाप्त होगी – 08 सितम्बर 2026 को सुबह 05 बजकर 12 मिनट पर
