Durva Ashtami 2028: हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्रपद मास के शुक्लपक्ष की अष्टमी तिथि के दिन Durva Ashtami का पर्व मनाया जाता है। इस दिन भगवान गणेश जी और दूर्वा की पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि दूर्वा अष्टमी के दिन भगवान गणेश और दूर्वा की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामना पूरी होती है। इस दिन भगवान गणेश को खासतौर से दूर्वा चढ़ाने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है इस दिन दूर्वा से भगवान गणेशजी की विशेष पूजा करने से हर तरह की परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
और इसके अलावा Durva Ashtami के दिन पूरे तन और मन के साथ यह व्रत रखने से सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा दूर्वा अष्टमी के दिन भगवान गणेश के साथ-साथ भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। और एस दिन व्रत करने से घर में सुख समृधि आती है, दूर्वा एक प्रकार की घास होती है। जो आपने आप में ख़ास होती है, जो पवित्रता का प्रतीक मानी जाती है, दुर्वा भगवन गणेश जी को अति प्रिय है, इसलिए हिन्दू धर्म में दुर्वा घास के बिना कोई भी पूजा-पाठ पूरी नहीं है। आइये जानते है साल 2028 में दूर्वा अष्टमी कब है, 26 या 27 अगस्त, जानिए सही दिन तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय –
Durva Ashtami 2028 Date And Time: 2029 में दूर्वा अष्टमी कब है, New Delhi, India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| दूर्वा अष्टमी | 27 अगस्त २०28, रविवार |
| अष्टमी तिथि प्रारंभ | 26 अगस्त 2028, शाम 07:३२ मिनट पर |
| अष्टमी तिथि प्रारंभ | 27 अगस्त 2028, शाम 06:49 मिनट पर |
दूर्वा अष्टमी पूजा विधि
दूर्वा अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवित्र होकर स्नान करे फिर साफ कपड़े पहन व्रत का संकल्प ले इसके बाद घर के मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करके पूजा की थाली सजाये। इसके बाद घर के मंदिर में सभी देवी देवताओं को फल, फूल, माला, चावल, धूप और दीपक अर्पित करें। इसके बाद भगवान गणेश जी को दूर्वा चढ़ाएं और उन्हें तिल और मीठे आटे की रोटी का भोग लगाएं। और पूजा के अंत में भगवान शिवजी माता पार्वती की पूजा करे।
दूर्वा अष्टमी व्रत उपाय
धार्मिक मान्यता के अनुसार Durva Ashtami के दिन भगवान गणेश जी को प्रसन्न करने का शुभ दिन माना जाता है। इसलिए दूर्वा अष्टमी के दिन कुछ खास उपाय करने से भगवान गणेश जी के आशीर्वाद से जीवन में सुख-शांति के साथ-साथ प्रेम की वृद्धि होती है। आइये जानते है दूर्वा अष्टमी के दिन कौन से उपाय करना चाहिए जैसे –
दूर्वा अष्टमी के दिन भगवान गणेश जी को लाल, फूल, और सिंदूर के साथ दूर्वा अर्पित करने से भगवान गणेश शीघ्र प्रसन्न होते है। और कार्यो में आने वाली सभी प्रकार की बाधा दूर करते है।
ऐसी मान्यता है कि यदि भी लोग Durva Ashtami के दिन भगवान गणेश जी की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करके उन्हें दूर्वा अर्पित करे। इसके बाद गणेश गायत्री मंत्र का 108 बार जाप करें और उनसे अपने संकट को दूर करने की विनती करें. मान्यता है कि इस उपाय को करते ही सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं।
