Yogini Ekadashi 2030: योगिनी एकादशी व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व होता है। एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। योगिनी एकादशी का हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है योगिनी एकादशी पाप नाशिनी एकादशी कहलाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार योगिनी एकादशी का व्रत सभी पापों को दूर करने वाला माना जाता हैं। योगिनी एकादशी तीनों लोकों में प्रसिद्ध एकादशी मानी जाती है जो की भगवान विष्णु और माल लक्ष्मी जी के पूजन के लिए बहुत ही खास होती है।
इसलिए यह एकादशी परलोक में मुक्ति तथा सभी पाप नष्ट करने वाली होती हैं। ऐसी मान्यता है कि जो भी लोग योगनी एकादशी का व्रत करते है उन्हें 88 हजार ब्राह्मणों को भोजन कराने के बराबर फल प्राप्त होता है। और समस्त पाप दूर हो जाते हैं और अंत में स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। आइये जानते है साल 2030 में योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) कब है? 25 या 26 जून, जानिए सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और इस दिन किये जाने वाला उपाय
2030 में योगिनी एकादशी व्रत कब है: Yogini Ekadashi 2030 Date And Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| योगिनी एकादशी व्रत | 26 जून २०३0, दिन बुधवार |
| एकादशी तिथि प्रारम्भ होगी | 25 जून 2030, दोपहर 03:०० मिनट पर |
| एकादशी तिथि समाप्त होगी | 26 जून 2030, शाम 05:27 मिनट पर |
| एकादशी व्रत पारण का समय | 27 जून 2030, सुबह 05:25 से सुबह 08:15 मिनट तक |
योगिनी एकादशी पूजा विधि
योगिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवित्र होकर स्नान आदि करके साफ व शुद्ध कपड़ा पहनकर व्रत का संकल्प लें। फिर घर के मंदिर या जिस स्थान पर पूजा करना है उस स्थान की साफ-सफाई करें। इसके बाद भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक करें। इसके बाद भगवान विष्णु को पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें। और एक लकड़ी की चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति स्थापित करे। इसके बाद भगवान विष्णु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें।
और उनके समक्ष या मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें। यदि संभव हो तो व्रत भी रखें। इसके बाद योगिनी एकादशी व्रत कथा का पाठ करें। और विष्णु “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें। और पूजा के अंत मे भगवान विष्णु की आरती करें और भगवान विष्णु को तुलसी का भोग लगाए और पूजा में की गयी गलती के लिये क्षमा याचना करे।
योगिनी एकादशी का महत्व
योगिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के सारे पाप मिट जाते है और जीवन मे सुख समृद्धि और आनंद की प्राप्ति होती है। योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) का व्रत करने से स्वर्ग लोक की प्राप्ति होती है। योगिनी एकादशी तीनी लोकों मे प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि योगिनी एकादशी का व्रत करना 88 हजार ब्राम्हणों को भोजन कराने जितना फल प्राप्त होता है।
योगिनी एकादशी उपाय
योगिनी एकादशी भगवान विष्णु जी को समर्पित होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूरे विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और जीवन मे सुख समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसलिए भगवान विष्णु जी प्रसन्न करने में लिए यह दिव्य उपाय जरूर करे जैसे-
- धार्मिक मान्यता है कि यदि जो लोग योगिनी एकादशी (Yogini Ekadashi) के दिन व्रत रखकर पीपल के वृक्ष के नीचे घी का दीपक जलाते है और वृक्ष की 108 बार परिक्रमा करते हुए विष्णु मंत्रो का जाप करते है। तो माता लक्ष्मी जी के साथ भगवान विष्णु जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और घर की दरिद्रता दूर होती है।
- योगिनी एकादशी के दिन व्रती को केवल फलों का सेवन करना चाहिए। और तामसिक चीजो से दूर रहना चाहिए। जैसे मांस, मछली, अंडा, लहसुन प्याज इत्यादि।
