Sheetala Saptami 2030: शीतला सप्तमी माता शीतला को समर्पित होता है। इस दिन माता शीतला की पूजा की जाती है। शीतला सप्तमी को बासौडा पूजा के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार शीतला सप्तमी हर साल माघ मास की कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाया जाता है। शीतला सप्तमी का पर्व भारत के सभी ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े ही श्रद्धा भाव के साथ मनाया जाता है। शीतला सप्तमी के दिन, माता शीतला देवी की पूजा करने का विशेष महत्व बतलाया गया है। इस दिन लोग सुबह जल्दी उठते हैं। और ठंडे पानी से स्नान करते हैं।
और अपनी प्रार्थना करने के लिए माता शीतला (Sheetala Mata) के मंदिरों में जाते हैं। और अपनी इच्छापूर्ती के लिए माता शीतला से विनती करते है। तो कुछ लोग इस दिन व्रत भी रखते है। और माता शीतला की पूरे विधि विधान के साथ अपने घर के मंदिर में ही माता शीतला की पूजा आराधना करते है। तो कुछ लोग माता शीतला को प्रसन्न करने के लिए सिर मुंडन भी करवाते है। ऐसी मान्यता है कि हिंदू धर्म में केवल शीतला सप्तमी या शीतला अष्टमी के दिन ही माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। और इस दिन सभी व्रती महिलाएं माता शीतला की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा करती हैं।
ऐसी मान्यता है जो भी लोग माता शीतला (Sheetala Mata) की पूजा सप्तमी के दिन करते है। तो माता शीतला उनकी समस्त मनोकामना पूरा करती है। और माता शीतला की कृपा से धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है। और शरीर की समस्त बीमारियों से मुक्ति मिलती है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन घर में ताजा भोजन नही बनाया जाता है। बल्कि शाम को भोजन बनाकर रखा जाता है। और सुबह वही बासी भोजन खाया जाता है। आइए जानते है साल 2030 में शीतला सप्तमी (Sheetala Spatami) कब है? 25 या 26 मार्च, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय-
2030 में शीतला सप्तमी कब है? Sheetala Saptami 2030 Date Time Shubh Muhurat New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| शीतला सप्तमी | 25 मार्च 2030, दिन सोमवार |
| सप्तमी तिथि प्रारम्भ | 25 मार्च 2030, सुबह 06:09 मिनट पर |
| सप्तमी तिथि समाप्त | 26 मार्च 2030, सुबह 04:10 मिनट पर |
| शीतला सप्तमी पूजा शुभ मुहूर्त | 25 मार्च 2030, सुबह 06:19 से शाम 06:35 मिनट तक |
| पूजा की कुल अवधि | 12 घंटा 16 मिनट |
शीतला सप्तमी पूजा विधि Sheetala Saptami 2030 Puja Vidhi
शीतला सप्तमी के दिन शुभ जल्दी उठकर स्नान आदि करके, सभी व्रती महिलाये माता शीतला (Sheetala Mata) की पूजा करने के लिए प्रात: काल पूजा की थाली सजाती है। पूजा की थाली में दही, पूआ, पूड़ी, बाजरा, मीठे चावल, गुड़, मठरी भोग के लिए इक्कठा करके पूजा स्थान पर रख ले। इसके बाद माता शीतला को पूजा के लिए हल्दी, अक्षत, कलावा, चने की दाल, लोटे में जल, गूलरी की माला से पूजा करें। इसके बाद भोग लगाएं। इसके बाद जिस स्थान पर होलिका जलाई गई थी वहां जाकर जल अर्पित करे। इसके बाद घर आकर बड़े बुजोगो के पैर छूकर उनका आशीर्वाद ले। फिर चढ़ाए गए प्रसाद को सभी मे वितरित करे। और खुद प्रसाद खाकर व्रत का पारण करे।
शीतला सप्तमी के दिन क्या करे
माता शीतला की पूजा करते समय इन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। शीतला सप्तमी (Sheetala Saptami) के दिन क्या करना चाहिए जैसे-
- शीतला सप्तमी के दिन अपने घरों की अच्छे से साफ सफाई करके ही माता को भोग लगाने लिए पूजा से एक दिन पहले ही हलवा, पूरी, दही बड़ा, पकौड़ी, पुए रबड़ी आदि बनाले।
- और अगले दिन सुबह माता को भोग लगाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करे। और माता को चढ़ाया गया वासी भोजन को परिवार के सभी सदस्यो में बाट दे, और खुद भी बासी भोजन ग्रहण करें।
- शीतला सप्तमी के दिन माता शीतला को रोली, हल्दी, सिंदूर, मेहंदी, और वस्त्र अर्पित करें।
- और पूजा के दौरान शीतला माता की कहानी जरूर पढ़ें या सुनें।
- मान्यता है की (Sheetala Saptami) के दिन आटे का दीपक बनाकर माता की आरती करें और होलिका दहन वाली जगह पर जाकर दीपक जलाएं।
शीतला सप्तमी के दिन क्या करे
- शीतला सप्तमी के दिन गर्म चीजें नहीं खाना चाहिए। बल्कि एक दिन पहले ही बनाये गए भोजन को ही खाना चाहिए। और गर्म पानी से स्नान करना भी वर्जित माना गया है।
- शीतला सप्तमी (Sheetala Spatami) के दिन दिन घर में झाड़ू नहीं लगाना चाहिए।
- सिलाई, कढ़ाई या सुई-धागे का उपयोग नही करना चाहिए।
- और नाही इस दिन गहरे रंग के कपड़े पहनना चाहिए।
