Sawan Shivratri 2030: 2030 में सावन शिवरात्रि कब है, नोट करले डेट टाइम, पूजा शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, क्या करे क्या नही?

Sawan Shivratri 2030: हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष में 2 बार शिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। एक फाल्गुन मास में तो दूसरा सावन मास में सावन मास में पड़ने वाली शिवरात्रि को सावन शिवरात्रि के नाम नाम से जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि Sawan Shivratri के दिन भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी की पूजा करने से आप की हर मनोकामना पूरी होती है। इस दिन भगवान शिव जी का अभिषेक करना करना उत्तम फलदायी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर Sawan Shivratri के भगवान शिवजी की विधिवत रूप से पूजा आराधना करने से व्यक्ति को उत्तम फलों की प्राप्ति होती है। और साथ ही सभी परेशानियों से छुटकारा मिलता है।

सावन का पूरा महीना भगवान शिव को समर्पित होता है इसलिए शिवरात्रि की रात सावन महीने की सबसे शक्तिशाली रातों में से एक मानी जाती है। इसलिए सावन शिवरात्रि से जुड़े सभी अनुष्ठानों का पालन करने और व्रत रखने से आत्मा और मानव शरीर को शुद्ध करने और अपने भक्तों को आध्यात्मिक मुक्ति प्रदान करने की शक्ति मिलती है। आइये जानते है साल 2030 में सावन शिवरात्रि कब है? 28 या 29 जुलाई, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत पारण और सावन शिवरात्रि के दिन क्या करना चाहिए क्या नही?

Sawan Shivratri 2030 Date Time: 2030 में सावन शिवरात्रि कब है, New Delhi, India

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
सावन शिवरात्रि28 जुलाई 2030, रविवार
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ28 जुलाई 2030, दोपहर 02:17 मिनट पर
चतुर्दशी तिथि समाप्त29 जुलाई 2030, दोपहर 03:44 मिनट पर
पूजा का शुभ मुहूर्त29 जुलाई 2030, सुबह 12:07 से सुबह 12:49 मिनट तक
पूजा की अवधिकेवल 42 मिनट तक
व्रत पारण समय29 जुलाई 2030, सुबह 05:४१ से दोपहर 03:44 मिनट तक

सावन शिवरात्रि पूजा विधि

Sawan Shivratri के दिन व्रती को सुबह जल्दी उठकर नित्यक्रिया से निवित्त होकर स्नान आदि करके सफेद वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लें। फिर किसी शिव मंदिर में जाकर। या घर पर ही भगवान शिव जी की पूजा अर्चना करे। इसके बाद शिव पूजा के लिए पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश, भगवान कार्तिकेय और नंदी की प्रतिमा को स्थापित करे।

और उनकी पूजा करे। पूजा में शिव परिवार को गाय के दूध से बना पंचामृत से स्नान कराये। और शिव परिवार को फल, फूल, धूप, दिप, नैवैद्य, इत्र आदि अर्पित करे और उनकी पूजा करे। इसके बाद भगवान शिव चालीसा का पाठ करते हुए रात्रि जागरण करे। और सुबह शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करे।

सावन शिवरात्रि व्रत उपाय

हिन्दू धर्म मे सावन महीने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का अति प्रिय महीना माना जाता है। कहा जाता है कि सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ धरती पर विचरण करते है। इसलिए सावन में भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करना चाहते है तो सावन शिवरात्रि के दिन करे ये खास उपाय जैसे

ऐसी मान्यता है कि जो लोग सावन शिवरात्रि के दिन दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से भगवान शिव का अभिषेक करते है। तो उसे अपार धन प्राप्ति की प्राप्ति होती है। यदि Sawan Shivratri के दिन जो भी लोग शिव लिंग पर घी का अभिषेक करते है। उनको संतान सुख की प्राप्ति होती है।

यदि विवाह में किसी भी तरह की कोई समस्या आ रही है तो सावन शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर 108 बेल पत्र अर्पित करें। और हर बेल पत्र के साथ “नमः शिवाय” बोलते हुए शिवलिंग पर अर्पित करने से शीघ्र विवाह योग बनने लगते है।

सावन शिवरात्रि व्रत में क्या नही खाना चाहिए

शास्त्रो के अनुसार सावन शिवरात्रि के व्रत में मांस, मछली, और किसी भी प्रकार का भारी भोजन खाने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए।

Sawan Shivratri के व्रत के भोजन में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल भूलकर भी नहीं करना चाहिए।

जिन लोगों को गैस या एसिडिटी की समस्या होती हो वो व्रत के दिन चाय और कॉफी का सेवन भूलकर भी ना करें।

Sawan Shivratri व्रत में साधारण नमक का इस्तेमाल बिल्कुल न भी ना करें। हो सके तो इसकी जगह पर सेंधा नमक का ही प्रयोग करे।

सावन शिवरात्रि व्रत में मदिरा पान भूलकर भी ना करे।

सावन शिवरात्रि व्रत में क्या खाना चाहिए

सावन शिवरात्र व्रत में मौसमी फल जैसे – अनार, संतरा, आम, सेव, नाशपाती, अमरूद, केला आदि का सेवन करना चाहिए। हो सके तो जूस का सेवन कर सकते है।

Sawan Shivratri के दिन आप मखाने और मुंगफली को हल्के घी में फ्राई करके इसमें सेंधा नमक मिलाकर भी खा सकते हैं। इसके अलावा व्रत में कोई भी मीठी चीजें बनाकर खा सकते है। जैसे गाजर या लौकी की खीर

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