Mauni Amavasya 2026: हिन्दू धर्म मे माघ मास की अमावस्या तिथि पूर्वजों को प्रसन्न करने के लिए बहुत ही शुभ मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व होता है। हिंदी पंचनाग के अनुसार मौनी अमावस्या प्रत्येक वर्ष माघ मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। जो इस अमावस्या को माघी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में बतलाया गया है कि मौनी अमावस्या पर पितरों का तर्पण करने के साथ-साथ दान-पुण्य करने का भी विशेष महत्व बतलाया गया है।
इसलिए इस Mauni Amavasya के दिन स्नान करके पुण्य कमाने का अच्छा अवसर है। इसलिए इस मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने के बाद दान पुण्य जरूर करना चाहिए। क्योंकि इस समय महाकुंभ भी लगा है इसलिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करके दान-पुण्य करने का सबसे उत्तम समय माना जाता है। मान्यता है कि प्रत्येक माह में आने वाली अमावस्या तिथि स्नान-दान के कार्यो के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। इसलिए अमावस्या तिथि के दिन श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के कार्य आदि करने से पितर प्रसन्न होते है।
यदि अगर नदी में स्नान करना संभव नहीं है तो घर में नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके बाद इसके बाद भगवान सूर्यदेव को जल अर्पित करें और अपनी श्रद्धा अनुसार विशेष चीजों का दान करें। आइये जानते है साल 2026 में मौनी अमावस्या कब है? 18 या 19 जनवरी, जानिए सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय
Mauni Amavasya 2026 Date Time: 2026 में मौनी अमावस्या कब है
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| मौनी अमावस्या | 18 जनवरी 2026, रविवार |
| अमावस्या तिथि प्रारम्भ | 18 जनवरी 2026, रात 12:03 मिनट पर |
| अमावस्या तिथि समाप्त | 19 जनवरी 2026, रात 01:21 मिनट पर |
मौनी अमावस्या पूजा विधि
मौनी अमावस्या Mauni Amavasya के सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रिया करके पूरे दिन मौन रने का संकल्प ले और पूरा दिन मौन रहकर पूजा-पाठ करते रहे। इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के बाद तांबे के लोट में जल, फूल, रोली, अक्षत, गुड़ डालकर भगवान सूर्यदेव का मंत्र बोलते हुए अर्घ्य देना चाहिए और इस दिन दान करना भी बेहद शुभ माना जाता है। इसलिए अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी गरीब व्यक्ति या जरूरत मंद लोगो को दान करना चाहिए।
मौनी अमावस्या पर करें ये उपाय
शास्त्रो में Mauni Amavasya का दिन बेहद विशेष माना जाता है। इस साल यह 9 फरवरी को मनाई जाएगी। इस शुभ दिन पर लोग कई प्रकार के अनुष्ठान और विधियां करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान अगर कुछ उपाय किए जाए तो इससे पितरों को मुक्ति मिलती है।
मौनी अमावस्या के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व है। इस दिन जरूरतमंदों को खाना खिलाने और उन्हें जरूरत का सामान देने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा इस दिन जरूरतमंदों को तेल, कंबल, दूध, चीनी, शक्कर, अनाज और पैसों का दान देना अच्छा होता है।
मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन सायं के समय तुलसी के पौधे के समीप घी का दीपक जलाए और तुलसी की 108 बार परिक्रमा करने से जीवन में सात्विकता आने के साथ ही समस्त प्रकार के संकटों का नाश होता है।
ऐसी मान्यता है कि यदि जो लोग Mauni Amavasya के दिन 1008 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव जी को पंचामृत से अभिषेक है उनके सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है और अविवाहितों के लिए विवाह के मार्ग प्रशस्त होता है।
