Matangi Jayanti 2028: हिन्दू धर्म मे माता मातंगी जयंती का विशेष महत्व है। माता मातंगी दशमहाविद्याओ में से नौंवी महाविद्या है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख मास के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि के दिन माता मातंगी की जयंती (Matangi Jayanti) मनाई जाती है। मान्यता है कि आज के दिन ही माता मातंगी का धरती पर प्राकट्य हुआ था। इस लिए आज के दिन माता मातंगी की जयंती पूरे हर्सोल्लास के साथ मनाई जाती है।
माता को राजमातांगी, सुमुखी माताजी, उच्छिष्ट माताजी, वश्यमातांगी तथा कर्णमाताजी आदि नामो से जानी जाती है। माता मातंगी वाणी, संगीत और ज्ञान की अधिष्ठात्री मॉनी जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो कोई माता मातंगी का व्रत रखता है और सच्चे मन से पूजा अर्चना करता है तो उसके दांपत्य जीवन को सुखी एवं समृद्ध होने का आशीर्वाद प्रदान करती है। और गृहस्थ जीवन के सभी सुख प्राप्त होते हैं।
माता मातंगी की पूजा करने से व्यक्ति को वाणी, संगीत और कला में सिद्धि प्राप्त होती है। उनकी कृपा से वशीकरण और आकर्षण शक्ति बढ़ती है। मान्यता है कि यह पूजा करने से व्यक्ति के अंदर आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है। आइये जानते है साल 2028 में मातंगी जयंती (Matangi Jayanti) कब मनाई जाएगी? 27 या 28 अप्रैल, जानिए पूजा शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और इस दिन किये जाने वाले उपाय
2028 में मातंगी जयंती कब है: Matangi Jayanti 2028 Date Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| मातंगी जयंती | 27 अप्रैल 2028, दिन गुरुवार |
| तृतीया तिथि प्रारम्भ होगी | 27 अप्रैल 2028, सुबह 01:48 मिनट पर |
| तृतीया तिथि समाप्त होगी | 28 अप्रैल 2028, सुबह 01:27 मिनट पर |
मातंगी जयंती पूजा विधि Matangi Jayanti Puja Vidhi
मातंगी जयंती के दिन व्रती को सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्र होकर स्नान आदि करके साफ व शुद्ध वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प ले। इसके बाद पूजस स्थल की अच्छे से साफ सफाई करके पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी स्थापित करके गंगाजल से शुद्ध करे। इसके उस चौकी पर माता की मूर्ति या फ़ोटो स्थापित करे। और माता के समक्ष धूप, दिप जलाए और माता को लाल फूल, अक्षत, आदि अर्पित करे। इसके बाद माता के इस मंत्र ‘ॐ ह्रीं ऐं भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा’ बोलते हुए जाप करें। इसके बाद कथा पढे या फिर सुने और पूजा के अंत मे माता की आरती करके माता से मनोकामना पूर्ति की विनती करे।
मातंगी जयंती उपाय Matangi Jayanti Upay
मातंगी जयंती के दिन माता के करुणामयी रूप का ध्यान करते हुए 108 बिल्व पत्र और 108 ही कमल के पुष्प लेकर इन मंत्रों ॐ ही ऐं भगवती मतेंगश्वरी श्रीं स्वाहा। का उच्चारण करते हुए अर्पित करने से दांपत्य जीवन में चल रही हर समस्या से छुटकारा मिलता है।
इसके अलावा यदि आप के आर्थिक जीवन मे किसी भी प्रकार की कोई भी समस्या आ रही है तो माता मातंगी को अनार अर्पित करे और कमलगट्टे की लेकर इन ॐ हीं हीं हीं महा मातंगी प्रचिती दायिनी, लक्ष्मी दायिनी नमो नमः मंत्रो का जाप करने से आर्थिक संकटो से मुक्ति मिलती है।
