Magh Masik Shivratri 2030: हिन्दू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व है। वर्ष में कुल बारह मासिक शिवरात्रि आती है। जिस महीने में शिवरात्रि पड़ती है उस महीने के नाम से मासिक शिव जानी जाती है। जैसे अभी माघ मास का महीना चल रहा है इसलिए इस महीने में माघ शिवरात्रि मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार माघ शिवरात्रि माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाएगी। वैसे तो माघ का पूरा महीना ही भगवान विष्णु और भगवान सूर्य देव को समर्पित है। लेकिन इस महीने में शिवरात्रि पड़ने की वजह से इस महीने का महत्व और भी बढ़ जाता है। वैसे तो हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष में आने वाली चतुर्दशी तिथि के दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है।
इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने का विधान है। साल 2030 में माघ मासिक शिवरात्रि 31 जनवरी, गुरुवार के दिन है। इसलिए आज के दिन पूजा करने के लिए शुभ है। अतः माघ महीने में आने वाली शिवरात्रि को भी अत्यधिक शुभ माना गया है। इस दिन भगवान शिव जी के भक्त मासिक शिवरात्रि का व्रत रखते हैं व श्रद्धापूर्वक शिवलिंग की पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि माघ मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) व्रत के प्रभाव से व्यक्ति को धन लाभ, सुख-समद्धि और यश-कीर्ति की प्राप्ति होती हैं। अब आइये जानते है साल 2030 में माघ मासिक शिवरात्रि कब है, 31 जनवरी या 01 फरवरी, जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, और इस दिन किये जाने वाले उपाय
2030 में माघ मासिक शिवरात्रि कब है, Magh Masik Shivratri 2030 Date time
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| माघ मासिक शिवरात्रि | 31 जनवरी 2030, दिन गुरुवार |
| पूजा का शुभ मुहूर्त | 01 फरवरी 2030, सुबह 12:34 मिनट से सुबह 01:01 मिनट तक |
| पूजा की कुल अवधि | केवल 27 मिनट |
| चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ | 01 फरवरी 2030, को रात 11:06 मिनट पर |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त | 01 फरवरी 2030, को रात 10:55 मिनट पर |
माघ मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) के दिन व्रति को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाना चाहिए। उसके पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर की अच्छे प्रकार।से साफ सफाई करके गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करें। घी का दीपक जलाएं। घर पर ही।या शिव मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा आराधना करें। शिवलिंग का अभिषेक करें। दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके पश्चात बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें। शिव जी को खीर, ठंडाई और ऋतु फल अर्पित करें। शिव मंत्रों का जाप करें। मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) व्रत की कथा को पढ़ें या सुने शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव की आरती करें।
इस दिन क्या ना करें
- मासिक शिवरात्रि (Masik Shivratri) दिन भूलकर भी शिवलिंग पर कभी भी तुलसी पत्र अर्पित नही करना चाहिए।
- मासिक शिवरात्रि के दिन केतकी का फूल भगवान शिवजी को नही चढ़ाना चाहिए।
- व्रत के दौरान तामसिक भोजन (प्याज, लहसुन) और क्रोध करने से बचना चाहिए
