Kartik Amavasya 2027: 2027 में कार्तिक अमावस्या कब है, New Delhi, India

Kartik Amavasya 2027: हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास में पड़ने वाली अमावस्या को कार्तिक अमावस्या के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक मास में आने वाली अमावस्या बहुत ही शुभ मानी जाती है। ऐसी मान्यता है की कार्तिक अमावस्या के दिन माता लक्ष्मी धरती पर आती है। और घर-घर जाकर अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाती है। इसलिए कार्तिक अमावस्या की रात दीपावली का पावन पर्व भी मनाया जाता है। यह महीना भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का सबसे प्रिय महीना माना जाता है। इसलिए कार्तिक अमावस्या पर स्नान, दान, पितृ पूजा करने का विधान है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार महाभारत के शांति पर्व में भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं कार्तिक अमावस्या के दिन का महत्व बताते हुए कहा है कि ‘यह मेरा प्रिय दिन है और इस दिन मेरी पूजा वंदना करने से मनुष्य के समस्त ग्रह दोष दूर होते है। और उन्हें अक्षय फल की प्राप्ति होती है। कार्तिक अमावस्या के दिन दिवाली की रात में दीये जलाने की परंपरा है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन भगवान श्रीराम ने रावण का बध करके अयोध्या लौटे थे और इसी खुशी में अयोध्या वासियों ने घर-घर दीपक जलाकर खुशियां मनाई थीं।

हालांकि दिवाली के दिन दीये जलाने को लेकर एक और मान्यता है। कहा जाता है कि पितृ पक्ष में जब पितृगण धरती पर आते हैं तो उन्हें पुनः पितृ लोक पहुंचने में परेशानी न हो, इसलिये दीयों से प्रकाश किया जाता है। आइए जानते है साल 2027 में कार्तिक अमावस्या कब है ? 28 या 29 अक्टूबर, जानिए सही दिन व तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय –

Kartik Amavasya 2027 Date Time: 2027 में कार्तिक अमावस्या कब है, New Delhi, India

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
कार्तिक अमावस्या29 अक्टूबर 2027, शुक्रवार
अमावस्या तिथि प्रारम्भ28 अक्टूबर 2027, रात 08:49 मिनट पर
अमावस्या तिथि समाप्त29 अक्टूबर 2027, शाम 07:07 मिनट पर

कार्तिक अमावस्या पूजा विधि

कार्तिक अमावस्या के दिन लक्ष्मी पूजा करने का विधान इसलिए सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवित्र होकर स्नान आदि करके साफ व शुद्ध व धारण करें। इसके पश्चयात भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करे। इसके बाद भगवान विष्णु जी की पूजा आराधना करें और माता लक्ष्मी, भगवान गणेश को भोग स्वरूप फल, फूल, मिठाई आदि अर्पित करे।

ऐसा करने से भगवान विष्णु माता लक्ष्मी और पितर अति प्रसन्न होते हैं। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक अमावस्या के दिन गीता पाठ, अन्न दान और दीप दान करना चाहिए। इसके साथ ही विष्णुप्रिया तुलसी की पूज़ा करें, भगवान विष्णु को तुलसी चढ़ाये इससे धनागमन होता है। और रात्रि के समय शुभ मुहर्त में माता लक्ष्मी भगवान गणेश जी का पूजा करके दिप दान करना चाहिए।

कार्तिक अमावस्या पर क्या करे क्या ना करे

शास्त्रों के अनसार सभी अमावस्या तिथियों में कार्तिक अमावस्या बेहद खास मानी जाती है। इसलिए इस दिन माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिए और धन लाभ के लिए खास उपाय करना चाहिए जैसे

इस दिन कई ज्योतिष उपाय किये जाने है जो जातक को धनलाभ कराने वाले होते है. कार्तिक अमावस्या को दिवाली अमावस्या भी कहते है इस दिन जरूरत मंद लोगो को भोजन कराने और दान दक्षिणा देने से अन्न-धन की कमी नहीं होती है।

कार्तिक अमावस्या के दिन ऊनि कपड़े का दान करना शुभ माना गया है। इस लिए कार्तिक अमावस्या के किसी भी गरीब व्यक्ति को ऊनि कम्बल दान में जरूर देना चाहिए।

कार्तिक अमावस्या यानी दिवाली के दिन किसी भी गरीब व्यक्ति या जरूरत मंद लोगो भोजन कराने और दान दक्षिणा देने से अन्न की कभी नही होगी।

कार्तिक अमावस्या के दिन दिप दान करना बेहद शुभ माना जाता है। इसके अलावा इस दिन गीता का पाठ करना भी बहुत ही शुभ माना गया है।

कार्तिक अमावस्या के दिन भगवान विष्णु का नाम जपते हुए आते की 108 गोलियां बनाकर मछलियों को खिलाने से आर्थिक स्थिति

कार्तिक अमावस्या के दिन प्रातःकाल उठकर नदी, जलाश्य या पवित्र कुंड में स्नान करें और सूर्य देव को अर्घ्य देने के पश्चात बहते हुए जल में तिल प्रवाहित करें।

तथा ग्रह संबंधित दोष और नवग्रहों की शांति के लिए प्रातःकाल नवग्रह स्त्रोत का पाठ करें।

कार्तिक अमावस्या के दिन विष्णु सहस्त्रनाम के जाप की विशेष महिमा है। इसके प्रभाव से कुंडली में कितना भी खराब योग हो, वह दूर हो जाता है।

कार्तिक अमावस्या को किसी देवालय या गरीब व्यक्ति के घर जाकर दीपक जलाने से शनि ग्रह से संबंधित पीड़ा दूर होती है।

कार्तिक अमावस्या के दिन शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव जी की पूजा आराधना करें इसके बाद शिवलिंग का शहद से अभिषेक करना चाहिए।

कार्तिक अमावस्या 2028

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