Guru Gobind Singh Jayanti 2027: सिख धर्म मे गुरुगोविंद सिंह जयंती का विशेष महत्व माना जाता है। गुरु गोबिंद सिंह सिख धर्म के दसवें गुरु और आखिरी गुरु थे। गुरु गोबिंद सिंह जी का सिख धर्म मे महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है। माना जाता है कि गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म सन 1723 ईसवी में पौष माह के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि को हुआ था।
इसलिए हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष पौष माह के शुक्लपक्ष की सप्तमी तिथि के दिन गुरुगोविंद सिंह जयंती मनाई जाती है। Guru Gobind Singh जी महाराज ने सिख धर्म के लिए कई नियम बनाए जिसका पालन आज भी किया जाता है। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब को गुरु के रूप में स्थापित किया और सामाजिक समानता का पुरजोर समर्थन किया।
गुरु गोबिंद सिंह जी अपने जीवनकाल में हमेशा दमन और भेदभाव के खिलाफ खड़े रहे।।इसलिए वे लोगों के लिए एक महान प्रेरणा दायक थे। और इन्होंने ही बैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना की थी। खालसा पंथ की स्थापना के पीछे इनका मुख्य उद्देश्य जाती धर्म की रक्षा करना और मुगलों के अत्याचारों से मुक्ति दिलाना था।
माना जाता है कि Guru Gobind Singh एक महान योद्धा होने के साथ कई भाषाओं के जानकार और विद्वान महापुरुष थे। इन्हें पंजाबी, फारसी, अरबी, संस्कृत और उर्दू समेत कई भाषाओं की अच्छी जानकारी थी। आइये जानते है साल 2027 में गुरुगोविंद सिंह जयंती कब है? 14 या 15 जनवरी, जानिए सही दिन तारीख, पूजा विधि और इनके द्वारा किये गए विशेष कार्यो के बारे में
Guru Gobind Singh Jayanti 2027 Date Time: 2027 में गुरुगोविंद सिंह जयंती कब है, New Delhi, India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| गुरु गोविन्द सिंह जयंती | 15 जनवरी 2027, शुक्रवार |
| सप्तमी तिथि प्रारम्भ | 14 जनवरी 2027, दोपहर 01:58 मिनट पर |
| सप्तमी तिथि समाप्त | 15 जनवरी 2027, दोपहर 02:13 मिनट पर |
गुरु गोविंद सिंह जयंती कैसे मनाये
गुरु गोविंद सिंह जयंती सिख धर्म मे बहुत ही हर्सोल्लास के साथ मनाई जाती है। इस दिन लोग मन्दिरो को फूल-माला से सजाते है। और मन्दिरो में भजन कीर्तन का आयोजन किया जाता है तो कुछ जगहों पर इनकी शोभायात्रा भी निकाली जाती है। और इनके जीवन मे किये कार्यो को याद किया जाता है।
तो कुछ जगहों पर सिख समुदाय के लोगों द्वारा सेवा और लंगर का आयोजन भी करते हैं, जिसमें समाज के सभी वर्गों को एक साथ भोजन कराया जाता है। यह पर्व सेवा और समानता की भावना का प्रतीक माना जाता है जिसे गुरु गोविंद सिंह जी ने सिख धर्म में बहुत महत्व दिया था।
गुरु गोविंद सिंह जी द्वारा किये गए कुछ महत्वपूर्ण योगदान
Guru Gobind Singh जी ने अपने जीवन काल मे बहुत से कार्य किए है जैसे –
- खालसा पंथ की स्थापना
- सिक्खों की रक्षा के लिए संघर्ष
- सिख धर्म के पचार-प्रसार
- सिख धर्म की स्वतंत्रता के लिए लड़ना और झगड़ना
- मुगल सम्राट औरंगजेब के धर्मान्तर के प्रयासों का कठिन विरोध करना
- आध्यात्मिक अभ्यास को बढ़ावा दें
- शिक्षा और जागरूकता फैलाना
