Gudi Padwa 2030: गुड़ी पड़वा 2030 तिथि और मुहूर्त, जाने सही डेट, पूजा विधि, और महत्व

Gudi Padwa 2030: गुड़ी पड़वा एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो महाराष्ट्र और गोवा में विशेष रूप से मनाया जाता है। यह त्योहार चैत्र नवरात्रि के पहले दिन मनाया जाता है और इस पर्व को उगादि पर्व के रुप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु व ब्रह्मा जी की पूजा की जाती है। लोग इस दिन अपने अपने घरों में रंगोली बनाते है और फूल-माला आदि से सजाते हैं और तमाम तरह के पकवान भी बनाते हैं।

यह पर्व हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। गुड़ी पड़वा भगवान राम की विजय का प्रतीक है और इस दिन भगवान राम के अयोध्या वापसी की याद में मनाया जाता है। और इस दिन लोग अपने घरों में गुड़ी (एक विशेष झंडा) फहराते हैं। गुड़ी पड़वा सामाजिक एकता का प्रतीक है और इस दिन लोग अपने परिवार और समाज के साथ मिलकर त्योहार मनाते हैं।

इस दिन लोग देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं और अपने घरों में विशेष प्रकार के भोजन बनाते हैं। तो वही कुछ जगहों पर गुड़ी पड़वा के अवसर पर सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और लोग अपने परिवार और समाज के साथ मिलकर इस त्योहार को मनाते हैं। आईये जानते है साल 2030 में Gudi Padwa कब मनाया जाएगा?

2030 में गुड़ी पड़वा कब है? Gudi Padwa 2030 Date Time

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
गुड़ी पड़वा03 अप्रैल 2030, दिन बुधवार
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ03 अप्रैल 2030, सुबह 03:31 मिनट पर
प्रतिपदा तिथि समाप्त04 अप्रैल 2030, सुबह 05:18 मिनट पर

गुड़ी पड़वा पूजा विधि Gudhi Padwa Puja Vidhi

गुड़ी पड़वा के दिन पुरुष और महिलाएं सबसे पहले सूर्योदय होने से पहले स्नान आदि करके अपने घर के मुख्यद्वार को आम के पत्तों से सजाते है। इसके बाद घर के एक हिस्से में गुड़ी लगाते है। और गुड़ी को आम के पत्ते, पुष्प और कपड़े आदि से सजाते है। इसके बाद भगवान ब्रह्मा की पूजा करते है और गुड़ी फहराते हैं। फिर गुड़ी फहराने के बाद भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

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