Gauri Tritiya 2029: गौरी तृतीया एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है, जो हिंदी पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र माह के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। इस तिथि को गणगौर पूजा के रूप में भी मनाते हैं। इस पर्व का उतना ही महत्व है, जितना तीज पर्व का है। इस दिन माता गौरी की विशेष पूजा और व्रत का रखने का विधान है, शास्त्रों में इस व्रत महिमा का बखान मिलता है। मान्यता है की इस दिन माता पार्वती की कृपा पाने के लिए गौरी तृतीया का व्रत अवश्य करना चाहिए, ऐसा शास्त्रों में बताया गया है। मान्यता है की यह व्रत मुख्य रूप से महिलाओं द्वारा अपने पति और पुत्र की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए करती है। आईये जानते है साल 2029 में गौरी तृतीया कब है? जानिए पूजा की सही तिथि पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व महत्व-
2029 में गौरी तृतीया कब है: Gauri Tritiya 2029 Date Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| गौरी तृतीया | १७ अप्रैल 2029, दिन मंगलवार |
| तृतीया तिथि प्रारम्भ होगी | १6 अप्रैल 2029, सुबह 07:47 मिनट पर |
| तृतीया तिथि समाप्त होगी | १७ अप्रैल 2029, सुबह 09:48 मिनट पर |
गौरी तृतीया पूजा विधि
गौरी तृतीया के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करके माता सती के साथ भगवान शिवशंकर की पूजा करने का विधान बताया गया है। इस दिन जल में चन्दन डालकर माता सती और भगवान शिव की प्रतिमा को स्नान करना चाहिए। इसके बाद धूप दीप नैवेद्य तथा नाना प्रकार के फल भगवान की सेवा में अर्पित करना चाहिए। इस दिन संकल्प के साथ में व्रत को प्रारंभ करना चाहिए पूजन में सर्वप्रथम भगवान गणेश का पूजन करना चाहिए। इसके बाद में जल, मौली, चंदन, सिंदूर, लौंग, पान का पत्ता, चावल, सुपारी, फूल, बेलपत्र फल मेवा और दक्षिण के साथ में माता गौरी का पूजन करना चाहिए।
इसके बाद माता गौरी को दूध दही से स्नान कराकर उनको सुंदर वस्त्र पहनाना चाहिए और चंदन सिंदूर मेहंदी इत्यादि से उनका श्रृंगार करना चाहिए। और जो श्रृंगार की वस्तुएं हैं वह भी उनको समर्पित करना चाहिए और शिव पार्वती की मूर्ति की विधिवत पूजा करके गौरी तृतीया की कथा पड़नी या फिर सुननी चाहिए। तथा माता गौरी को सुहाग सामग्री अर्पण करनी चाहिए।
