Gangaur Puja 2026: गणगौर पूजा राजस्थान प्रदेश का मुख्य पर्व है। इस दिन विवाहित महिलाये माता परवर्ती की पूजा अर्चना करती है। गणगौर पूजा प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि के दिन गणगौर का पर्व मनाया जाता है। गणगौर पूजा भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। इस दिन व्रती महिलाए भगवान शिव और माता पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर उनकी पूजा अर्चना करती है।
इस पर्व को गौरी तृतीया के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि गणगौर व्रत को करने से महिलाओं को अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म मे जिस तरह तीज पर्व का महत्व होता है ठीक उसी प्रकार गणगौर पूजा का भी विशेष महत्व बतलाया है। जिस तरह से उत्तर भारत मे बड़ी संख्या में महिलाएं पति की लंबी आयु के लिए मनचाहे पति पाने की इच्छा के लिए सावन के महीने में तीज का व्रत रखती है।
ठीक उसी प्रकार राजस्थान में महिलाये पति की दीर्घायु के लिए और उनकी सलामती के लिए गड़गौर का व्रत रखती है। तीज की तरह ही गणगौर व्रत में भी भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना की जाती है। आइये जानते है साल 2026 में गणगौर पूजा (Gangaur Puja) कब मनाया जाएगा 21 या 22 मार्च, जानिए पूजा की सही तारीख, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय
2026 में गणगौर पूजा कब है – Gangaur Puja 2026 Start Date And End Date Time
साल 2026 में चैत्र मास की शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि प्रारंभ होगी 21 मार्च 2026 को प्रातःकाल 02 बजकर 30 मिनट पर और चैत्र मास की शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि समाप्त होगी 21 मार्च 2026 को रात्रि 11 बजकर 56 मिनट पर इसलिए उदया तिथि के अनुसार साल 2026 में गणगौर पूजा 21 मार्च दिन शनिवार को मनाया जाएगा।
गणगौर पूजा के नियम – Gangaur Puja Ke Niyam
गणगौर पूजा के दिन अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए महिलाओं को क्या करना चाहिए और किन-किन चीजों से बचना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि गणगौर पूजा में जो भी प्रसाद भगवान शिव और माता पार्वती को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है वह प्रसाद केवल महिलाएं ही खाती है। क्योकि यह व्रत केवल सुहाग के लिए होता है इसलिए पुरुषों को इस पूजा का प्रसाद नहीं खाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि गणगौर पूजा में जो भी सिंदूर माता गौरी को अर्पित किया जाता है। उससे सुहागिन महिलाएं अपनी मांग भरती हैं इससे सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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उदया तिथि के अनुसार इस साल गणगौर पूजा दिनांक 21 मार्च दिन शनिवार के दिन रखा जाएगा। यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि जो महिलाएं इस दिन गड़गौर माता का व्रत रखती हैं और विधिवत पूजा-पाठ करती हैं। तो उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी हो सकती है और अखंड सौभाग्य का वरदान भी मिलता है। अब ऐसे में गणगौर पूजा के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए जैसे-
गणगौर पूजा में क्या करे – Gangaur Puja Kya Karen
गणगौर पूजा के दिन सभी व्रती महिलाये सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके 16 सिंगार करे इसके बाद विधिवत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा अर्चना करे। इसके अलावा गणगौर पूजा (Gangaur Puja) को अविवाहित महिलाये जरूर करे। क्योकि अखंड सौभाग्य की परस्पति होती है। इसके अलावा गणगौर पूजा के लिए मिट्टी पीली जरूर होनी चाहिए। और इस दिन मन को शांत रखे और भजन कीर्तन करते हुए रात्रि जागरण करे।
