Chaitra Purnima 2026: चैत्र पुर्णिमा का हिन्दू धर्म मे विशेष महत्व है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक माह का अंतिम दिन पूर्णिमा का होता है। और पूर्णिमा के बाद ही नए माह की सुरुआत भी होती है। इसलिए हिंदी कैलेंडर के अनुसार चैत्र का महीना हिंदी साल का पहला महीना होता है। और इस महीने की पूर्णिमा साल की पहली पूर्णिमा कहलाती है। और इस दिन हनुमान जयंती भी मनाई जाती है।
ऐसी मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा (Chaitra Purnima) के दिन ही महावीर हनुमान जी का जन्म हुआ था। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन चैत्र पूर्णिमा मनाई जाती है। और चैत्र पर्णिमा को चैती पूनम के नाम से भी जाता है। चैत्र पर्णिमा के दिन स्नान -दान, जप-तप आदि करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना की जाती है।
चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने से और पूर्णिमा व्रत का उपवास रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। और और व्रत रखने वालो की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। ऐसी मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन भगवान चन्द्रमा को अर्घ देने के बाद माता लक्ष्मी की पूजा करने से शुभ फलो की प्राप्ति होती है। आईये जानते है साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा कब है ? 01 या 02 अप्रैल, जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व उपाय
चैत्र पूर्णिमा पूजा विधि Chaitra Purnima Puja Vidhi
चैत्र पूर्णिमा के दिन व्रती सुबह जल्दी उठकर नित्य क्रिया से निवृत्त होकर किसी पवित्र नदी, सरोवर, कुंड, वावड़ी, या किसी भी जलाशय में स्नान करें यदि ऐसा संभव नहीं है तो घर पर ही पानी मे गंगाजल डालकर स्नान करें। इसके बाद पूजा स्थल या मंदिर की अच्छे से साफ-सफाई करके एक लकड़ी की चौकी पर पिले या लाल रंग का कपड़ा विछाकर भगवान विष्णु माता लक्ष्मी फ़ोटो या मूर्ति स्थापित करे। इसके बाद भगवान विष्णु को धूप,दिप,पुष्ल-माला, रोली, चंदन, पान सुपारी,अच्छत आदि अर्पित करे।
इसके बाद भगवान विष्णु के समक्ष घी का दीपक जालये। और भगवान भगवान विष्णु की पूजा करे। सबसे पहले एक लकड़ी की पटरी लें उसपर पीले रंग का कपड़ा बिछा लें। फिर भगवान विष्णु का गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जप करें। उनकी आरती करे। और अंत में तुलसी दल डालकर उन्हें खीर का भोग लगाएं। और रात के समय चंद्रमा को कच्चा दूध डालकर अर्घ्य दें और इसके बाद ही व्रत का पारण करें।
चैत्र पूर्णिमा उपाय Chaitra Purnima Vrat Upay
धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र पूर्णिमा (Chaitra Purnima) का हिन्दू धर्म मे विशेष महत्व बतलाया गया है। इसलिए आज के दिन यानी कि चैत्र पूर्णिमा के भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने का विशेष दिन माना जाता है। आईये जानते है चैत्र पूर्णिमा के दिन क्या उपाय करना चाहिए। जैसे –
ऐसी मान्यता है कि Chaitra Purnima के दिन माता लक्ष्मी जी को खीर का भोग लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल के वृक्ष में माता लक्ष्मी वास करती हैं। इसलिए इस दिन पीपल के वृक्ष को जल अर्पित करें और संध्या के समय पेड़ के नीचे दीपक जलाए।
ऐसी मान्यता है कि चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जी का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए। और उनको बूंदी के लड्डू रोई करे।
Chaitra Purnima 2026 Date Time, 2026 में चैत्र पूर्णिमा व्रत कब है, New Delhi, India
हिंदी पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्लपक्ष में पड़ने वाली पूर्णिमा को चैत्र पूर्णिमा मनाई जाती है। इस साल 2026 में चैत्र पुर्णिमा 02 अप्रैल दिन गुरुवार को मनाई जाएगी।
पूर्णिमा तिथि शुरू होगी होगी – 01 अप्रैल 2026 को सुबह 07 बजकर 08 मिनट पर
पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी – 02 अप्रैल 2026 को सुबह 07 बजकर 44 मिनट पर
