Buddha Purnima 2027: 2027 में बुद्ध जयंती कब है, जाने शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, नियम

Buddha Purnima 2027: बुद्ध पूर्णिमा एक महत्वपूर्ण बौद्ध त्योहार है, जो भगवान बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण के अवसर पर मनाया जाता है। यह त्योहार वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हिन्दू पंचाग के अनुसार प्रत्येक वर्ष वैशाख मास की पुर्णिमा तिथि के दिन बुध पुर्णिमा मनाई जाती है। ऐसी मान्यता है कि आज के दिन बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था।

पौराणिक मान्यता है कि गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवा अवतार माना जाता है। इसलिए बुध पुर्णिमा (Buddha Purnima) के दिन भगवान विष्णु माता लक्ष्मी और भगवान चंद्रमा की भी पूजा की जाती है। आज बुध पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और चंद्र देव की उपासना करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। और आत्मबल में वृद्धि होती है और धन लाभ के योग बनते हैं।

ऐसी मान्यता है कि बुध पुर्णिमा के दिन जो लोग जल से भरा कलश, और पकवान दान करते है। उन्हें गौ दान करने के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। बुध पुर्णिमा के दिन प्रात:काल में स्नान करने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य देकर बहते हुए जल में तिल प्रवाहित करें। फिर पीपल के वृक्ष को भी जल अर्पित करें। आईये जानते है साल 2027 में बुध पूर्णिमा कब है? 19 या 20 मई, जानिए सही दिन तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि महत्व, इस दिन क्या करे क्या नही

2027 में बुद्ध पूर्णिमा कब है – Buddha Purnima 2027 Date Time

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
बुद्ध पूर्णिमा व्रत20 मई 2027, दिन गुरुवार
पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी19 मई 2027, शाम 04:02 मिनट पर
पूर्णिमा तिथि समाप्त होगी20 मई 2027, शाम 04:28 मिनट पर

बुध पूर्णिमा पूजा विधि Buddha Purnima Puja Vidhi

बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर सुबह स्नान करें। और भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें और उनके मंत्रों का जाप करें। इसके बाद भगवान बुद्ध का ध्यान करें। और भगवान बुद्ध के मंत्रों का जाप करें। इसके बाद भगवान बुद्ध को शहद अर्पित करे। फिर भगवान बुद्ध की सीख का अनुसरण करें। इसके बाद भगवान बुद्ध की आरती करके पूजा सम्पन्न करे।

बुद्ध पूर्णिमा में क्या करना चाहिए Budh purnima Me Kya Krana Chahiye

बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद पानी से भरा एक मिट्टी का घड़ा दान करने से हजार गौदान करने के समान पूण्य फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि बुद्ध पूर्णिमा के दिन पिला वस्त्र, चप्पल, छतरी, अनाज, या फल आदि का दान करने से पितृ अति प्रसन्न होते है और अपना आशीर्वाद देते है।

यदि बुद्ध पूर्णिमा के दिन शिवालय में जाकर भगवान शिव जी की पूजा करने के किसी भी सफेद वस्तु का दान करना शुभ माना जाता है। इसलिए बुद्ध पूर्णिमा के दिन किसी भी गरीब व्यक्ति को अपने घर बुलाकर खीर का भोजन कराने और दान करने से लाभ मिलता है और घर परिवार में संपन्नता आदि है।

बुद्ध पूर्णिमा पर क्या नही खाना चाहिए

धार्मिक मान्यता के अनुसार बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के दिन कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए जैसे-

  • बुद्ध पूर्णिमा के दिन मांसाहारी भोजन से परहेज करना चाहिए।
  • बुद्ध पूर्णिमा के दिन प्याज और लहसुन से परहेज करना चाहिए।
  • इस दिन बासी भोजन से परहेज करना चाहिए और ताजा भोजन करना चाहिए।
  • बुद्ध पूर्णिमा के दिन अधिक मसालेदार भोजन से परहेज करना चाहिए और हल्का भोजन करना चाहिए।
  • बुद्ध पूर्णिमा के दिन किसी भी पेड़-पौधों को नुकसान नहीं पहचाना चाहिए।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन क्या उपाय करना चाहिए

  • बुद्ध पूर्णिमा के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके भगवान विष्णु का पूजा करे पूजा करने के बाद पानी से भरा घड़ा और पकवान किसी गरीब व्यक्ति या ब्राह्मण को दान करें। मान्यता है की बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima) के दिन मिट्टी का घडा दान करने से गौदान के सामान पुन्य फल की प्राप्ति होती है।
  • यदि जो जो बुद्ध पूर्णिमा के दिन पीले वस्त्र, पंखा, चप्पल, छतरी, अन्नाज, और मौसमी फल का दान करते है उसके पितृ प्रसन्न होते है।
  • मान्यता है की जो लोग बुद्ध पूर्णिमा के दिन किसी भी पवित्र नदी या तालाब में स्नान करके श्री यंत्र लाते है। तो उसके घर में सुख-समृधि आती है।

2028 में बुद्ध पूर्णिमा कब है

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