Narasimha Jayanti 2030: हिन्दू धर्म मे नरसिंह जयंती का विशेष महत्व है। हिन्दू पंचांग के अनुसार हर वर्ष वैशाख मास की शुल्कपक्ष की चतुर्दशी तिथि के दिन नरसिंह जयंती मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की पूजा अर्चना करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि नरसिंह जयंती के दिन भगवान नरसिंह की पूजा अर्चना करने से जीवन के सभी कस्ट दूर होते है। और इस दिन व्रत और पूजा करने से अकाल मृत्यु, भूत-प्रेत और सभी प्रकार के भयों से मुक्ति भी मिलती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान विष्णु अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए इसी दिन नरसिंह का अवतार लिया था। अब आईये जानते है साल 2030 में नरसिंह जयंती कब है? 16 या 17 मई, पूजा विधि व महत्व –
2030 में नरसिंह जयंती कब है: Narasimha Jayanti 2030 Date Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| नरसिंह जयंती | 16 मई 2030, दिन गुरुवार |
| चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ होगी | 16 मई 2030, सुबह 12:14 मिनट पर |
| चतुर्दशी तिथि समाप्त होगी | 16 मई 2030, रात 08:28 मिनट पर |
| पूजा का शुभ मुहूर्त | शाम 04:22 से शाम 07:05 मिनट तक |
| पूजा की अवधि | 02:43 मिनट |
| व्रत पारण का समय | 17 मई 2030, सुबह 05:29 के बाद |
नरसिंह जयंती की पूजा विधि
नरसिंह जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु का स्मरण करके व्रत का संकल्प ले। इसके बाद भगवान सूर्य देव को जल चढ़ाने के बाद पूजाघर की साफ-सफाई करके गंगाजल छिड़क कर पवित्र करें। फिर एक चौकी पर भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार का चित्र स्थापित करें और भगवान विष्णु को फल, फूल, मिठाई, चंदन, केसर, कुमकुम आदि अर्पित करें। इसके बाद घी का दीया जलाकर विष्णु सहत्रनाम का जाप करें। और पीले रंग की मिठाई का भोग लगाए। इसके बाद किसी भूखे को भोजन कराकर वस्त्र का दान करना चाहिए।
