Dasha Mata Vrat 2027: चैत्र मास के दशमी तिथि के दिन महिलाएं दशामाता की पूजा करती है। इस व्रत को महिलाएं घर की दशा को शुधारने के लिए करती है। मान्यता है जब मनुष्य जी दशा ठिक होती है तो उनके सभी कार्य अनुकूल होते है। और जब मनुष्य के कार्य प्रतिकूल होते है तो मनुष्य को बहुत बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी परेशानियों को दूर करने के लिए इस व्रत को रखा जाता है। दशामाता का व्रत हिन्दू महिलाओं का विशेष पर्व है।
यह पर्व हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को किया जाता है। मान्यता है कि सुहागिन महिलाएं यह व्रत अपने घर की दशा सुधारने के लिए करती हैं। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन महिलाएं व्रत-पूजन करके गले में एक खास डोरा पहनती है। ताकि घर-परिवार में सुख-समृद्धि, शांति, सौभाग्य और अपार धन संपत्ति बनी रहे। आइये जानते है साल 2027 में दशामाता (Dasha Mata) का व्रत कब रखा जाएगा? 15 या 16 मार्च, जानिए पूजा की सही तिथि, पूजा विधि और व्रत के नियम क्या करे क्या ना करे।
2027 में दशामाता व्रत कब है – Dasha Mata Vrat 2027 Date Time Puja Muhurat New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| दशामाता व्रत | 15 मार्च 2027, दिन सोमवार |
| दशमी तिथि प्रारम्भ होगी | 15 मार्च 2027, सुबह 03:00 मिनट पर |
| दशमी तिथि समाप्त होगी | 16 मार्च 2027, सुबह 02:40 मिनट पर |
दशामाता (Dasha Mata) व्रत पूजा विधि
इस दिन महिलाएं दशामाता की पूजा करने के लिए घर के किसी कोने में साफ-सफाई करके एक दीवार पर स्वास्तिक बनाएं। फिर स्वास्तिक के पास 10 बिंदियां बनाएं। पूजा में रोली, मौली , सुपारी, चावल, दीप, नैवेद्य, धुप आदि शामिल करें। इसके अलावा सफेद धागा लें और उसमे गांठ बना लें। फिर उसे हल्दी में रंग लें। इस धागे को दशामाता की बेल कहा जाता है।
दशामाता की पूजा के बाद इस धागे को गले में धारण करें। इस धागे को पूरे साल ना उतारें। अगले साल जब दशामाता की पूजा करें तो पुराने धागे को उतारकर नया धागे धारण करें। दशमाता की पूजा विधि विधान से करने पर मनुष्य का बुरा समय दूर हो सकता है तथा दशमाता की कृपा सदैव बनी रहती है। इसके साथ ही घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
दशामाता (Dasha Mata) व्रत में क्या करें
दशामाता व्रत एक महत्वपूर्ण हिंदू व्रत है, जो विशेष रूप से महिलाओं द्वारा अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि के लिए किया जाता है। इस व्रत के दौरान, महिलाएं दशा माता की पूजा करती हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करती हैं। आईये जानते है दशामाता (Dasha Mata) व्रत में क्या करना चाहिए।
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- दशामाता व्रत के दिन सबसे पहले सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- दशामाता की पूजा करें और उनके आशीर्वाद की कामना करें।
- दशामाता को फूल और फल चढ़ाएं।
- दशामाता के सामने दीपक जलाएं।
- माता से अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना करें।
- दशा माता व्रत के दिन उपवास रखें और भगवान की पूजा-अर्चना करें।
- दशामाता व्रत के दिन दान करना भी शुभ माना जाता है, जैसे कि गरीबों को भोजन या वस्त्र दान करना।
- दशामाता व्रत करने से महिलाओं को अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करने का अवसर मिलता है। और यह व्रत उनके जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
दशामाता (Dasha Mata) व्रत के दिन क्या नही करना चाहिए
- दशामाता व्रत पूजन के दिन किसी को पैसा उधार भी ना दें।
- और नही इस दिन अपने घर की कोई वस्तु भी किसी को नहीं देना चाहिए और ना ही किसी से कोई वस्तु या पैसा मांगना चाहिए।
- दशामाता व्रत करने वाली महिलाएं दिन भर में केवल एक ही बार अन्न का सेवन करती हैं।
- और नाही इस व्रत में नमक का सेवन करना चाहिए।
