Hariyali Teej Vrat 2030: 2030 में हरियाली तीज व्रत कब है, नोट करे डेट टाइम, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि व नियम

Hariyali Teej Vrat 2030: हिन्दू धर्म मे हरियाली तीज व्रत का विशेष महत्व है। हिंदी पंचांग के अनुसार हरियाली तीज व्रत हर वर्ष श्रावण मास के शुल्क पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। और इसे हरियाली तीज, या श्रावणी तीज व्रत के नाम से भी जाना जाता है। और हरियाली तीज अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार जुलाई या अगस्त के महीने में पड़ती है। हरियाली तीज व्रत मुख्य रूप से महिलाओं का पर्व होता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार हरियाली तीज (Hariyali Teej) व्रत के दिन सभी व्रती महिलाएं झूला जुलती है। और लोक गीत गाकर इस व्रत का उत्सव मनाती हैं। हरियाली तीज के अवसर पर देशभर में बहुत सी जगहों पर मेले का आयोजन किया जाता है। और इस दिन माता पार्वती की सवारी धूमधाम से निकाली जाती है। हरियाली तीज सुहागन स्त्रियों के लिए बहुत ही महत्व पूर्ण त्योहार है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

ऐसी मान्यता है कि हिदू रीति रिवाज के अनुसार नवविवाहित लड़कियों के लिए विवाह के बाद पड़ने वाले पहले सावन के त्यौहार का विशेष महत्व होता है। क्योकि हरियाली तीज व्रत के दिन सभी सुहागिन लड़कियों को ससुराल से मायके बुलाया जाता है। आइये जानते है साल 2030 में (Hariyali Teej) कब है? 01 या 02 अगस्त, जानिए दिन व तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, और इस दिन किये जाने वाला उपाय, कब शुरू और कब समाप्त होगी।

2030 में हरियाली तीज व्रत कब है: Hariyali Teej Vrat 2030 Date Time New Delhi India

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
हरियाली तीज व्रत01 अगस्त 2030, दिन शुक्रवार
तृतीया तिथि प्रारम्भ होगी01 अगस्त 2030, शाम 05:००:०० मिनट पर
तृतीया तिथि समाप्त होगी02 अगस्त २०30, शाम 04:30:०० मिनट पर

हरियाली तीज व्रत पूजा विधि Hariyali Teej Vrat Puja Vidhi 

हरियाली तीज व्रत के दिन सभी व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर नित्यक्रिया से निवित्र होकर पूजा घर की अच्छे से साफ-सफाई करके स्नान आदि करले। इसके बाद पूजा घर को आम के पत्ते (तोरण) से मंडप को सजा ले। इसके बाद एक चौकी पर मिट्टी में गंगाजल मिलाकर शिवलिंग, भगवान गणेश, माता पार्वती और उनकी सखियों की प्रतिमा बनाकर स्थापित करे।

और स्थापित करने के बाद देवी देवताओं का आह्वान करते हुए पूजन किया जाता है। और यह पूजन रात भर चलता है। लेकिन हरियाली तीज व्रत के दिन कुछ बातों की सावधानियां बरतनी चाहिए। हरियाली तीज व्रत के दिन सभी व्रती महिलाओं को अपने पति से झूठ नही बोलना चाहिए। और नाही छल कपट, दुर्व्यवहार, और दूसरे की बुराई आदि नही करना चाहिए। ऐसा करने से व्रत का फल नही मिलता है।

तीज व्रत के नियम

हरियाली तीज (Hariyali Teej) पर कुछ परम्परायें ऐसी होती है जिसे तीज से एक दिन पहले निभाया जाता है। इस दिन सादी सुधा लड़कियों के ससुराल से वस्त्र, आभूषण, श्रृंगार का सभी सामान, जैसे मेहंदी, काजल, सिंदूर, नए कपड़े, मिठाई आदि भेजी जाती है। जिसे पहनकर सभी सुहागिन लडकिया अपने सास के पैर छूकर उन्हें सुहागी देती हैं। यदि सास न हो तो जेठानी या किसी अन्य वृद्धा महिला को दी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन सभी सुहागिन व्रती महिलाएं श्रृंगार और नए वस्त्र पहनकर माता अपने पति की लम्बी आयु और परिवार की सुख समृद्वि के लिए माता पार्वती और भगवान शिव जी की पूजा करती हैं।

हरियाली तीज के दिन क्या करना चाहिए

  • हरियाली तीज व्रत के सभी व्रती महिलाए सुबह स्नान आदि कर के पुरे दिन निर्जला व्रत का उपवास रखे और शिव पार्वती का ध्यान करे।
  • हरियाली तीज व्रत के दिन महिलाए इसान कोण में पूजा के लिए एक चौकी लगाये। और उसपर माता पार्वती और भगवान शिव जी मूर्ति या फोटो स्थापित करे।
  • हरियाली तीज (Hariyali Teej) व्रत के दिन माता पार्वती को 16 सिंगार की सामग्री अर्पित करे। और भगवान शिव जी को पीले, लाल वस्त्र और पुष्प अर्पित करे।
  • और हरियाली तीज पूजा के दौरान शिव कथा का पड़े और आरती करे और पूजा करने के बाद श्रृगार की सभी सामग्री किसी सुहागिन महिला को दान कर दे।
  • हरियाली तीज व्रत के दौरान सभी व्रती महिलाए 16 श्रृगार कर के हाथो में हरी चूड़ी और हरी रंग की साडी पहने और हाथो में मेहँदी लगाये।

हरियाली तीज पर क्या नहीं करना चाहिए

  • हरियाली तीज व्रत में महिलाये सफेद या काले रंग का वस्त्र ना पहने।
  • और व्रत के दौरान दोपहर में भूलकर भी ना सोये।
  • जो महिलाये हरियाली तीज (Hariyali Teej) का व्रत रखी हो वह भूलकर भी किसी से लडाई झगडा न करे।
  • हरियाली तीज व्रत के दौरान भूलकर भी मांस, मछली, अंडा, और लहसुन प्याज का सेवन ना करे जो भी ऐसा करेगा उसका व्रत खंडित हो जायेगा।

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