Bhai Dooj 2029: हिन्दू धर्म मे भाई दूज पर्व का विशेष महत्व बतलाया गया। यह पर्व मुख्य रूप से भाई बहन को याद करने का प्रमुख दिन होता है। हिंदी पंचांग के अनुसार भाई दूज को हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस पर्व को भाई और बहनों द्वारा अत्यंत उत्साह एवं प्रेम के साथ द्वारा मनाया जाता है। भाई दूज पर्व की रौनक पूरे देश में अलग ही देखने को मिलती है।
भाई दूज का पर्व 5 दिवसीय पर्व यानी दिवाली त्योहार का एक हिस्सा है। और यह पर्व दिवाली के दो दिन बाद पड़ता है। जिसे भाई दूज (Bhai Dooj) के नाम से जाना जाता है। भाई दूज का पर्व भारत के हर क्षेत्र में मनाया जाता है। और इसे महाराष्ट्र में भाऊ-बीज और पश्चिम बंगाल में भाई फोंटा के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि यह पर्व भाई-बहन के रिश्तें को मजबूत करता है। भैया दूज या भाई टीका एक हिंदू भाई-बहन का त्योहार है और यह भारतीय त्योहारों में सबसे ज्यादा खुशी से मनाया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन एक बहन अपने भाई की सफलता और उनकी सुख-समृद्धि के लिए भगवान यमराज प्रार्थना करती है। तो वहीं भाई भी अपनी बहन की रक्षा का बचन लेता है। और बहन के प्रति अपनी कृतज्ञता दर्शाने के लिए उसे उपहार स्वरूप कुछ भेट भी देता है। आइये जानते है साल 2029 में भाई दूज (Bhai Dooj) कब है? 07 या 08 नवम्बर, जानिए पूजा की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन क्या करना चाहिए।
2029 में भाई दूज कब है ? Bhai Dooj 2029 Date Time Tilak Muhurat
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| भाई दूज पर्व | 07 नवम्बर 2029, दिन बुधवार |
| भाई को तिलक लगाने का मुहूर्त | 07 नवम्बर 2029, दोपहर 01:10:०० बजे से दोपहर 03:21:०० मिनट पर |
| द्वितीया तिथि प्रारम्भ होगी | 07 नवम्बर 2029, सुबह 06:०7:०० मिनट पर |
| द्वितीया तिथि प्रारम्भ होगी | 08 नवम्बर 2029, सुबह 02:37:०० मिनट पर |
भाई दूज पूजा विधि
भाई दूज (Bhai Dooj) के दिन भाई-बहन को सुबह जल्दी उठकर यमुना नदी में या घर पर ही पानी में यमुना का जल मिलाकर स्नान करना चाहिए। लेकिन इस बात का ध्यान रहे कि यह पूजा भाई और बहन दोनों मिलकर भगवान चित्रगुप्त की पूजा करनी चाहिए। यदि बहन विवाहित है तो भाई के घर या भाई बहन के घर जाकर एक साथ पूजा करनी चाहिए।
इसके बाद भाई और बहन दोनों मिलकर पूजा की थाली सजाए और उस थाली में कुमकुम, सिंदूर, चंदन, फूल, फल, मिठाई, अक्षत व सुपारी रखें। इसके बाद बहन भाई को एक लकड़ी की चौकी बिठाए और और माथे पर घी रोली का टीका लगाकर माई की आरती उतारे इसके बाद भाई का मुंह मीठा कराये और के अंत मे भाई अपनी बहन को कुछ न कुछ उपहार स्वरूप भेट जरूर दें। और हो सके तो बहन भाई को अपने हाथों से भोजन जरूर कराये।
भाई दूज पर क्या करें
- शास्त्रो में बतलाया गया है कि भाई दूज (Bhai Dooj) के दिन यदि भाई-बहन दोनों मिलकर किसी गरीब व जरूरतमंद लोगों को खाना खिलाने और अपनी क्षमतानुसार दान-पुण्य आदि करना चाहिए। ऐसा करने से भाई बहन के जीवन में खुशहाली आती है और साथ ही घर-परिवार में सुख- समृद्धि आती है।
- मान्यता है कि बहन भाई को तिलक करते समय गंगा पूजे यमुना को यमी पूजे यमराज को, सुभद्रा पूजा कृष्ण को, गंगा यमुना नीर बहे मेरे भाई की आयु बढ़े’ का जाप करना चाहिए ऐसा करने से भाई की उम्र बढ़ती है।
- भाई दूज के दिन बहन और भाई को हो सके तो लाल, पिला रंग का ही वस्त्र नहीं पहनना चाहिए।
- भाई दूज के दिन भाई और बहन को भगवान यमराज और उनकी बहन यमुना जी पूजा जरुर करें।
भाई दूज पर क्या नहीं करना चाहिए
- भाई दूज (Bhai Dooj) पर के दिन भाई और बहन को भूलकर भी मांस, मछली, और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए।
- भाई को तिलक करने से पहले बहन को नहीं खाना-पीना चाहिए। हो सके तो निर्जल रहे।
- भाई दूज के दिन बहन और भाई को काले रंग का वस्त्र नहीं पहनना चाहिए।
- भाई दूज के दिन बहन और भाई को आपस में लडाई-झगडा नहीं करना चाहिय।
- भाई दूज (Bhai Dooj) तिलक लगवाते समय भाई को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके नहीं बैठना चाहिए।
