Masik Shivratri 2026: हिन्दू धर्म मे मासिक शिवरात्रि व्रत का विशेष महत्व है जो हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है। हिंदी पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा आराधना की जाती है और व्रत रखा जाता है। पंचांग के अनुसार साल में कुल 12 Masik Shivratri का व्रत रखा जाता है। जिनमे से दो शिवरात्रि मनाई जाती है, पहली महाशिवरात्रि फाल्गुन मास में और दूसरी श्रावण शिवरात्रि होती है जो सावन के महीने में पडती है। इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से मानसिक तनाव दूर होता है। पापो से मुक्ति मिलती है, तमाम तरह के रोगों दोष का नाश होता है और आत्मबल बढ़ता है। इसके आलावा आध्यात्मिक विकास होता है, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है, और स्वास्थ्य लाभ होता है। आईये जानते है साल 2026 में मासिक शिवरात्री कब-कब पड़ेगी सम्पूर्ण जानकरी जनवरी से दिसंबर तक
Masik Shivratri 2026 List: मासिक शिवरात्रि व्रत 2026 की तारीखे, New Delhi, India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| माघ मासिक शिवरात्रि | 16 जनवरी २०२६, शुक्रवार |
| फाल्गुन मासिक शिवरात्रि | 15 फरवरी 2026, रविवार |
| चैत्र मासिक शिवरात्रि | १७ मार्च 2026, मंगलवार |
| वैशाख मासिक शिवरात्रि | 15 अप्रैल 2026, बुधवार |
| ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि | 15 मई 2026, शुक्रवार |
| ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि (अधिक) | 13 जून 2026, शनिवार |
| आषाढ़ मासिक शिवरात्रि | 12 जुलाई 2026, रविवार |
| श्रावन मासिक शिवरात्रि | 11 अगस्त 2026, मंगलवार |
| भाद्रपद मासिक शिवरात्रि | 09 सितम्बर 2026, बुधवार |
| आश्विन मासिक शिवरात्रि | 08 अक्तूबर 2026, गुरुवार |
| कार्तिक मासिक शिवरात्रि | 07 नवम्बर २०२६, शनिवार |
| मार्गशीर्ष मासिक शिवरात्रि | 07 दिसंबर 2026, सोमवार |
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन व्रति को ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाना चाहिए। उसके पश्चात स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का
संकल्प लें। घर के मंदिर की अच्छे प्रकार से साफ सफाई करके गंगाजल का छिड़काव करके शुद्ध करें। और गाय के घी का दीपक जलाएं। घर पर ही या शिव मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा आराधना करें। शिवलिंग का अभिषेक करें। दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल से शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके पश्चात बेलपत्र, फूल, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें। शिव जी को खीर,।ठंडाई और ऋतु फल अर्पित करें। शिव मंत्रों का जाप करें। Masik Shivratri व्रत की कथा को पढ़ें या सुने शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव की आरती करें।
मासिक शिवरात्रि पूजा की सामग्री
Masik Shivratri के दिन भगवान शिवजी प्रसन्न करने के लिए पूजा की सभी सामग्री जरुर होनी चाहिए जैसे- जल या गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी, शक्कर, वेळ पत्र, भाग, धतुरा, सफेद फूल, लाल चन्दन, चावल, धुप, दीप, कपर, कलावा, जनेऊ, मौसमी फल, मिठाई, शिव परिवार की मूर्ति या फोटो, माता पार्वती के लिए श्रृंगार का सामन, मंत्र जप करने के लिए रुद्राक्ष की माला और कथा पड़ने के लिए कथा की पुस्तक आदि।
मासिक शिवरात्रि के दिन क्या करें
Masik Shivratri के दिन भगवान शिव की पूजा करें और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए व्रत रखें। ऐसा करने से मन की इच्छा पूरी होती है।
इस दिन उपवास रखने और भगवान शिव की पूजा करने से राहू केतु से जुडी सभी बाधा दूर होती है और और वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है।
जीवन के संकटों को दूर करने के लिए Masik Shivratri के दीन शिवलिंग पर 21 वेल्पत्र अर्पित करे और शिव मंत्रो का जाप करे। एसा करने से जीवन के सभी संकट दूर होते है, और भगवान शिव जी की कृपा प्राप्त होती है।
मासिक Shivratri के दिन यदि जो लोग सच्चे मन से शिव जी की पूजा करते है और गन्ने का रश शिवलिंग पर अर्पित करते है तो धन की कमी दूर होती है और धन लाभ के योग बनते है।
मासिक शिवरात्रि के दिन क्या ना करें
Masik Shivratri के दिन भूलकर भी शिवलिंग पर तुलसी पत्र अर्पित नहीं करना चाहिए।
मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केतकी का फुल भूलकर भी नहीं अर्पित करना चाहिए।
शिवरात्रि व्रत के दौरान तामसिक भोजन जैसे -लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा, का सेवन नहीं करना चाहिए।
