Guru Nanak Jayanti 2027: 2027 गुरुनानक जयंती कब है? नोट करे पूजा विधि, महत्व

Guru Nanak Jayanti 2027: हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरुनानक देव जी का जन्म हुआ था। इसलिए आज के दिन गुरुनानक जयंती के रूप में मनाया जाता है। इसके अलावा यह पर्व गुरुपर्व या प्रकाश पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। धर्म ग्रन्थों की माने तो गुरुनानक देव जी सिखों के पहले गुरु और सिख धर्म के संस्थापक थे।

गुरुनानक देव बचपन से ही धार्मिक प्रवृति के थे। उन्होंने अपना जीवन मानव समाज के कल्याण में लगा दिया था। आज भी लोग इनकी बताई गई सीख पर चलते है। इसलिए आज के दिन सिख समुदाय के लोग बड़े हर्सोल्लास, श्रद्धा, के साथ गुरुनानक जयंती मनाते है। और सभी लोग एक साथ एकत्रित होकर जुलूस निकालते है। और शांति प्रेम का संदेश फैलाते है।

सिख परंपराओं के अनुसार गुरुद्वारों में गुरु ग्रंथ साहिब का 48 घंटे का लंबा पाठ किया जाता है। जिसे अखंड पाठ के रूप में भी जाना जाता है। जो त्योहार से दो दिन पहले शुरू होता है। और गुरु पूरब के दिन यानी सुबह के समय समाप्त होता है। और फिर भक्तों द्वारा एक जुलूस निकाला जाता है। जिसे नगर कीर्तन के नाम से भी जाना जाता है।

गुरुनानक देव का जन्म सन 1469 ईसवी में ननकाना साहिब में हुआ था। इनके पिता का नाम कल्याणचंद उर्फ मेहता कालू जी था। और इनकी माता का नाम तृप्ता देवी था। और इसकी एक बहन थी जिसका नाम नानकी था। आईये जानते है साल 2027 में गुरूनानक जयंती (Guru Nanak Jayanti) कब है? जानिए पूजा सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इनका संक्षिप्त जीवन परिचय –

2027 गुरुनानक जयंती कब है? Guru Nanak Jayanti 2027 Date Time

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
गुरुनानक जयंती14 नवम्बर 2027, दिन रविवार
पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ13 नवम्बर 2027, सुबह 09:55 मिनट पर
पूर्णिमा तिथि समाप्त14 नवम्बर 2027, सुबह 08:55 मिनट पर

गुरूनानक जयंती पूजा विधि

कार्तिक पुर्णिमा के दिन ही सिख धर्म के संस्थापक गुरूनानक देव जी का जन्म हुआ था इसलिए सिख धर्म को चाहने वाले लोग सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्म करके स्नान आदि करके साफ या नये कपड़े पहनकर गुरुद्वारे में जाकर पूजा पाठ करते है। और मंदिर में अपने सामर्थ्य के अनुसार कुछ दान-दक्षिणा देते है। और गुरूनानक देव जी द्वारा बतलाये गए वचन को सुनने है। और धर्म के पथ पर चलने का प्रण लेते है। और शाम को अपनी श्रद्धा के अनुसार भोजन आदि कराते है।

गुरुनानक जयंती 2028

Leave a Comment

error: Content is protected !!