Margashirsha Masik Durga Ashtami 2026: हिन्दू धर्म मे मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत हर माह शुक्लपक्ष की अष्टमी के दिन रखा जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन माता दुर्गा की पूजा अर्चना की जाती है। और इसे मासिक दुर्गाष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। हिंदी पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष मास (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मार्गशीर्ष मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी। माना जाता है कि मार्गशीर्ष मास में व्रत रखने और माता दुर्गा की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
मार्गशीर्ष मास हिंदू पंचांग का एक महत्वपूर्ण महीना है, जो लगभग नवंबर-दिसंबर के बीच पड़ता है। मान्यता है कि यह महीना भगवान श्रीकृष्ण की पूजा भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस मास में भगवान कृष्ण की पूजा और भजन करने से विशेष लाभ होता है। और मार्गशीर्ष मास में धर्म और पुण्य के कार्यों को करने से विशेष लाभ होता है। इस मास में दान, पुण्य और सेवा के कार्यों को करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। आइये जानते है साल 2026 में मार्गशीर्ष मासिक दुर्गा अष्टमी कब है? पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है, पूजा विधि क्या है और इस दिन माता दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए क्या उपाय करना चाहिए।
2026 में मार्गशीर्ष मासिक दुर्गा अष्टमी कब है? Margashirsha Masik Durga Ashtami 2026 Date Time
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| मार्गशीर्ष दुर्गा अष्टमी | 17 दिसम्बर 2026, दिन गुरुवार |
| अष्टमी तिथि प्रारम्भ | 16 दिसम्बर 2026, रात 10:16 मिनट पर |
| अष्टमी तिथि समाप्त | 17 दिसम्बर 2026, रात 11:25 मिनट पर |
मार्गशीर्ष दुर्गा अष्टमी पूजा विधि
मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन व्रती को प्रातःकाल ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान आदि से निवित्र होकर साफ या नए वस्त्र पहनकर व्रत का संकल्प ले। इसके बाद पूजा स्थल को अच्छी प्रकार से साफ-सफाई करके गंगा जल का छिड़काव कर के शुद्ध करले। इसके बाद इसके बाद एक लकड़ी की चौकी पर माता दुर्गा की मूर्ति या फ़ोटो स्थापित करे। इसके बाद माता दुर्गा का जलाभिषेक करे। इसके बाद माता दुर्गा के समक्ष घी का दीपक जलाये। इसके बाद माता दुर्गा को अक्षत, सिंधुर, लाल पुष्प आदि अर्पित करे। इसके बाद माता दुर्गा को हलवे चने का भोग लगाएं। इसके बाद माता दुर्गा अश्टमी व्रत की कथा सुने या फिर पढ़े। इसके बाद माता दुर्गा की आरती करें। इसके बाद शाम के समय एक बार फिर स्नान आदि करके शुद्ध कपड़े पहनकर माता दुर्गा की पूजा अर्चना करे।
मार्गशीर्ष मासिक दुर्गा अष्टमी व्रत के उपाय
ऐसी मान्यता है कि मासिक दुर्गाष्टमी के दिन माता दुर्गा को खीर का भोग लगाने से माता दुर्गा अति प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
दुर्गा अष्टमी के दिन मां दुर्गा को पंचामृत और शक्कर का भोग लगाने से लम्बी आयु का वरदान प्राप्त होता है।
दुर्गा अष्टमी के दिन माता दुर्गा को केले का बोग लगाने से करियर में सफलता मिलती है और बुद्धि का विकाश होता है। और मनाचाही सफलता मिलती है।
इसके अलावा यदि धन लाभ पाना चाहते हैं तो मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा को दूध से बनी मिठाई का भोग लगाने से धन, वैभव और ऐश्वर्य की प्राप्ति होता है।
