Shravan Amavasya 2026: शास्त्रो में श्रावण मास में आने वाली अमावस्या का खास महत्व होता है। हिंदी पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण मास में आने वाली अमावस्या को श्रावणी अमावस्या या हरियाली अमावस्या के नाम जाता है। धार्मिक मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन स्नान दान का विशेष महत्व माना गया है। साथ ही इस दिन पौधे लगाने से सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती है। प्रत्येक अमावस्या की तरह श्रावणी अमावस्या पर भी पितरों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान तर्पण और दान-धर्म करने का विशेष महत्व होता है।
श्रावण के महीने में बारिश के आगमन से धरती का कोना-कोना हरा-भरा होकर खिल उठता है। चूंकि श्रावण अमावस्या पर पेड़-पौधों को नया जीवन मिलता है और इनकी वजह से ही मानव जीवन सुरक्षित रहता है, इसलिए प्राकृतिक दृष्टिकोण से देखा जाय तो श्रावण अमावस्या (Shravan Amavasya) के दिन का बहुत महत्व है। आइए जानते है साल 2026 में श्रावण अमावस्या कब है? 12 या 13 अगस्त, जानिए सही दिन व तारीख, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन किये जाने वाले उपाय
श्रावण अमावस्या पूजा विधि
श्रावण अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी नदी, तालाब या सरोवर में स्नान करना चाहिए। स्नान करनेबाद साफ या नये कपड़े पहनकर भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करे। इसके बाद नदी में काले तिल प्रवाहित करे। ऐसी मान्यता है कि सावन मास में पेड़ पौधे लगाना शुभ माना जाता है। लेकिन सावन के महीने में नीम का पौधा लगाने से सेहत अच्छी रहती है। और संतान सुख की प्राप्ति के लिए केले का पौधा लगाना चाहिए।
इसके अलावा परिवार की सुख शांति के लिए तुलसी का पौधा लगाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में माता लक्ष्मी का आशीर्वाद चाहते है तो घर के बाहर आंवला वृक्ष का पौधा लगाना चाहिए। और हरियाली अमावस्या के दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा करना शुभ माना गया है। इसलिए सावन अमावस्या के दिन शिवलिंग पर वेलपत्र अर्पित करे। और हरियाली अमावस्या के दिन दीपक का दान करना बेहद शुभ माना गया है।
श्रावण अमावस्या के दिन क्या करे
- धार्मिक मान्यता है कि श्रावण अमावस्या (Shravan Amavasya) के दिन गंगा समेत पवित्र नदियों में स्नान- ध्यान किया जाता है। साथ ही इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव की पूजा उपासना की जाती है।
- इसके अलावा अमावस्या तिथि पर पितरों का तर्पण भी किया जाता है। इससे पितृ अति प्रसन्न होते हैं। इसके अलावा सावन के महीने में आने वाली अमावस्या को कहीं अधिक शुभ माना गया है।
- श्रावण अमावस्या के दिन नदी, जलाशय या कुंड आदि में स्नान करें और भगवान सूर्य देव को जल का अर्घ्य देने के बाद पितरों के निमित्त तर्पण करें।
- और पितरों की आत्मा की शांति के लिए उपवास करें और किसी गरीब व्यक्ति को दान-दक्षिणा दें। श्रावण अमावस्या के दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करे और उसकी परिक्रमा करे।
- श्रावण अमावस्या के दिन पीपल, बरगद, केला, नींबू, तुलसी आदि का वृक्षारोपण करना शुभ माना जाता है। क्योंकि इन वृक्षों में देवी-देवताओं का वास माना जाता है।
- इसलिए श्रावण अमावस्या (Shravan Amavasya) वृक्षारोपण के लिये शुभ फलदायी मानी जाती है। किसी नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां खिलाएं अपने घर के पास चींटियों को चीनी या सूखा आटा खिलाएं।
- सावन हरियाली अमावस्या के दिन हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही हनुमानजी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।
श्रावण अमावस्या के दिन क्या ना करे
- श्रावण अमावस्या (Shravan Amavasya) के दिन बहकर भी तामसिक भोजन जैसे- मांस, मछली, शराब आदि नही करना चाहिए। क्योकि श्रावण का महीना भगवान भोलेनाथ का होता है।
- श्रावण के महीने में किसी भी दूसरे के घर भोजन भुलकर भी नही करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार दूसरे के घर भोजन करने से आर्थिक तंगी आती है।
Shravan Amavasya 2026 कब है?
साल 2026 में अगस्त के महीने में पड़ने वाली श्रावण अमावस्या 12 अगस्त दिन बुधवार को मनाई जाएगी।
अमावस्या तिथि शुरू- 12 अगस्त 2026 को सुबह 01 बजकर 55 मिनट पर
अमावस्या तिथि खत्म- 13 अगस्त 2026 को रात्रि 11 बजकर 08 मिनट पर
