Hal Shashti Vrat 2028 Date: हलषष्ठी व्रत कब है 2028? जाने सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

Hal Shashti Vrat 2028: हिन्दू पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष भाद्र पद मास के कृष्णपक्ष की षष्टी तिथि को हलषष्ठी व्रत रखा जाता है। यह व्रत भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसे ललही छट, हरछठ, हलछठ, पिन्नी छठ, या खमर छठ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपनी संतान की दीर्घायु और उनकी कुशलता की कामना के लिए व्रत रखती हैं। और इस व्रत में दूध, घी, सूखे मेवे, लाल चावल आदि का सेवन किया जाता है। लेकिन इस दिन गाय का दूध व दही का सेवन नहीं करना चाहिए। अब आईये जानते है? साल 2028 में हलषष्ठी व्रत (Hal Shashti Vrat) कब है? 10 या 11 अगस्त, जानिए पूजा की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि एवं नियम

हलषष्ठी व्रत कब है 2028: Hal Shashti Vrat 2028 Date And Time New Delhi india

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
हलषष्ठी व्रत (हरछठ या ललही छठ)11 अगस्त 2028, दिन शुक्रवार
षष्ठी तिथि प्रारंभ होगी10 अगस्त 2028, दोपहर 03:42 मिनट पर
षष्ठी तिथि समाप्त होगी11 अगस्त 2028, शाम 05:४१ मिनट पर

हलषष्ठी व्रत पूजा की विधि

हलषष्ठी व्रत के दिन सभी व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके व्रत का संकल्प लेती हैं। इसके बाद घर या बाहर कहीं भी दीवार पर भैंस के गोबर से छठ माता का चित्र बनाती हैं। फिर भगवान गणेश और माता पार्वती की पूजा की पूजा करके। छठ माता की पूजा करती है। इस पूजा में महिलाएं घर में ही गोबर से तालाब बनाकर,उसमें झरबेरी, पलाश और कांसी के पेड़ लगाती हैं। और वहां पर बैठकर पूजा अर्चना करती हैं। और हलषष्ठी व्रत की कथा सुनती हैं।

हलषष्ठी व्रत के नियम

  • धार्मिक मान्यता के अनुसार (Hal Shashti Vrat) इस को करने संन्तान की लम्बी उम्र और सुख समृधि की प्राप्ति होती है
  • इस पूजा में हल से जोती गयी किसी भी वास्तु का प्रयोग नही किया जाता है
  • क्योकि हल और मुसल बलराम जी का मुख्य सस्त्र होता है

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