Bachha Baras 2027: बछ बारस व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्त्व बतलाया गया है, हिंदी पंचांग के अनुसार हर वर्ष भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि को बछ बारस या द्वादशी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है। क्योकि गाय में सभी देवी-देवताओं का वास होता है। और इस दिन गाय की पूजा करने से सभी देवी-देवताओं का आर्शीवाद प्राप्त होता है। भाद्रपद मास में पड़ने वाले इस पर्व को गोवत्स उत्सव के रूप में भी मनाया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो माताएं पूरे विधि-विधान से गौ माता और बछड़े की पूजा करती हैं। और उन्हें हरा चारा खिलाती हैं, तो उनके घर पर गौ माता की कृपा होती है। और इस दिन सभी पुत्र वति महिलाएं अपने पुत्र की लंबी आयु के लिए व्रत भी रखती हैं। आईये जानते है साल 2027 में बछ बारस (Bach Baras) कब है? 28 या 29 अगस्त, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और इस दिन क्या खाए और क्या ना खाए।
बछ बारस 2027 में कब है: Bachha Baras 2027 Date And Time New Delhi india
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| बछ बारस व्रत | 28 अगस्त 2027, दिन शनिवार |
| बछ बारस पूजा शुभ मुहूर्त | शाम 07:४५ से रात 09:55 मिनट तक |
| पूजा कुल अवधि | 02 घंटे 10 मिनट |
| द्वादशी तिथि प्रारम्भ | 28 अगस्त 2027 को सुबह 03:12 मिनट पर |
| द्वादशी तिथि समाप्त | 29 अगस्त 2027 को सुबह 12:05 मिनट पर |
बछ बारस पूजा विधि
बछ बारस के दिन दिन व्रत रखने वाली महिलाएं सुबह-सवेरे जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहनती हैं। इसके बाद गाय और उसके बछड़े को स्नान कराकर नए वस्त्र पहनाती हैं। और बछड़े को फूलों की माला पहनाकार दोनों के माथे पर तिलक लगती है। और सीगों को सजाती है। इसके बाद एक तांबे के पात्र में अक्षत, तिल, जल, सुगंध और फूलों को मिलाकर इस मंत्र का जाप करती है।
‘क्षीरोदार्णवसम्भूते सुरासुरनमस्कृते। सर्वदेवमये मातर्गृहाणार्घ्य नमो नम:॥
इसके बाद गौ माता के पैरों में लगी मिट्टी से अपने माथे पर तिलक लगाती है। और बछ बारस की कथा सुनती है या फिर पढ़ती है। और पूरे दिनभर निर्जला व्रत रखती है। और रात को अपने इष्ट और गौ माता की आरती करके व्रत खोलती है और फिर भोजन ग्रहण करती है।
बछ बारस व्रत के नियम
- बछ बारस व्रत के दिन गाय के दूध से बनी कोई भी वस्तु नही खाना चाहिए। इसके अलावा गेहू, चावल, और चाक़ू से कटी कोई भी सब्जी भी नही खानी चाहिए।
- बल्कि बछ बारस व्रत के दिन भीगे हुए चने, मुंग, और बाजरे की ठंडी रोटी खाना चाहिए।
बछ बारस व्रत 2028