2030 में करवा चौथ व्रत कब है: Karwa Chauth 2030 Date And Time New Delhi India

Karwa Chauth 2030: करवा चौथ व्रत का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। करवा चौथ का व्रत हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपनी पति की लंबी आयु और उनके खुशहाल जीवन के लिए करवा चौथ का व्रत रखती हैं। करवा चौथ का व्रत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है इसमें सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक जल निर्जला व्रत का उपवास रखा जाता है। करवा चौथ व्रत में भगवान गणेश जी के साथ माता करवा की पूजा करते होती है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जल व्रत रखकर चांद को अर्घ्य देने के बाद ही पति के हाथों से करवा चौथ का व्रत खोलती है।

धार्मिक मान्यता है कि अगर करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिला पूरे विधि-विधान से रखती हैं। तो उसके पति की उम्र लंबी होती है और अखंड सौभाग्य का वरदान प्राप्त होता है। साथ ही सुखी दांपत्य जीवन को आशीर्वाद प्राप्त होता है। अब आइये जानते है साल 2030 में करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत कब रखा जाएगा। 14 या 15 अक्टूबर, जानिए सही दिन तारीख, पूजा का शुभ मुहर्त, ओज विधि, चंद्रोदय का समय और इस दिन क्या करना चाहिए क्या नही करना चाहिए

2030 में करवा चौथ व्रत कब है: Karwa Chauth 2030 Date And Time New Delhi India

व्रत त्यौहारव्रत त्यौहार समय
करवा चौथ व्रत15 अक्तूबर 2030, दिन मंगलवार
करवा चौथ पूजा शुभ मुहूर्तशाम 05:53 से शाम 07:08 मिनट पर
पूजा की कुल अवधि01:19 मिनट
चंद्रोदय का समयरात 08:27 मिनट पर
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ14 अक्टूबर 2030, रात 09:08 मिनट पर
चतुर्थी तिथि समाप्त15 अक्टूबर 2030, रात 11:36 मिनट पर

करवा चौथ पूजा विधि

करवा चौथ व्रत के दिन व्रती महिलाएं सुवह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें। और स्नान आदि करने के बाद अपने से बड़ो के पैर छूकर उनका आशीर्वाद ले। इसके बाद देवी- देवताओं की पूजा करें और माता करवा का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें। यदि आपके वहा सरगी का रिवाज है तो सरगी सू्योंदय से पहले ही खा ले। और इस के वाद दिनभर विर्जला व्रत रखें और शाम के समय महिलाये एक चौकी पर माता पार्वती और भगवान शिवजी की कोई ऐसी फोटो रखें। जिसमें भगवान गणेश माता पार्वती जी के गोद में बैठे हों।

इसके बाद पूजा की थाली सजाए जिसमे धूप, दीप, चंदन, रोली और सिन्दूर आदि चीजे रखे और फिर करवा में जल भरकर पूजा के स्थान पर रखें और करवे में खील, बताशे, या फिर साबुत अनाज जैसे गेहू. या चावल डालकर करवा के ऊपर दीपक रखें। इसके बाद माता पार्वती को श्रृंगार की सामग्री चढ़ाएं और चन्द्रमा निकलने से लगभग एक घंटे पहले पूजा शुरू कर दे लेकिन इस बात ध्यान रखें की महिलाये पूजा सोलह करने के बाद ही करे। अब करवा चौथ व्रत (Karwa Chauth) की कथा सुने और पढे कथा सुनते समय हाथ पर गेहूं या चावल के 13 दाने लेकर कथा सुने।

और फिर चांद निकलने पर छलनी में एक दीपक जला लें फिर चांद को देखें। और चन्द्रमा को देखकर अर्घ दे और पति की लम्बी आयु और वैवाहिक जीवन के सुखमय होने की प्रार्थना करे। फिर छलनी से अपने पति को देखें इसके बाद छलनी के दीये को वहीं जलता छोड़ दें। इसके बाद पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत संपन्न करें। अंत में महिलाये अपने से बड़ों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद ले।

करवा चौथ पर क्या उपाय करें ?

करवा चौथ के दिन कुछ खास उपायों को करने से वैवाहिक जीवन में चली आ रही परेशानियों दूर हो सकती है जैसे –

  • करवा चौथ व्रत के दिन भगवान गणेश जी को हल्दी की 5 गांठें ‘ॐ श्री गणधिपतये नम:’ बोलते हुए अर्पित करने से सभी कार्यों में सफलता मिलती है।
  • यदि पति-पत्नी में प्रेम कम हो गया हो तो करवा चौथ (Karwa Chauth) व्रत के दिन 11 गोमती चक्रों को लाल रंग की सिन्दूर की डिब्बी में रखकर घर में कहीं छुपाकर रखें पति पत्नी का कलह दूर हो जाएगा।
  • करवा चौथ व्रत के दिन लाल सिन्दूर, इत्र, केसर और चने की दाल का दान करना शुभ माना गया है। इसलिए करवा चौथ के दिन जो लोग ऐसा करते है तो उनके जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

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