Kamika Ekadashi 2027: कामिका एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता है। यह एकादशी भगवान विष्णु जी को समर्पित होती है। हिंदी पंचांग के अनुसार प्रत्येक वर्ष श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को कामिका एकादशी मनाई जाती है। कामिका एकादशी को पवित्रा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. कामिका एकादशी श्रावण मास की पहली एकादशी होती है।
कामिका एकादशी सावन के महीने में पड़ने की वजह से इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। क्योकि सावन का महीना भगवान भोलेनाथ का महीना माना जाता है। इसलिए सावन मास की एकादशी व्रत में भगवान विष्णु के साथ भगवान शिव जी पूजा आराधना करने से व्रती की सभी मनोकामना पूरी होती है।
ऐसी मान्यता है कि इस एकादशी के दिन व्रत करने वालों के जीवन से सभी प्रकार के कष्टों का अंत हो जाता है और घर-परिवार में सुख-समृद्धि आती है। आइये जानते है साल 2027 जुलाई में पड़ने वाली कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) का है? 29 या 30 जुलाई, जानिए सही डेट टाइम, पूजा विधि, पूजा का शुभ मुहूर्त, एकादशी व्रत का महत्व, और इस दिन किये जाने वाले उपाय
2027 में कामिका एकादशी व्रत कब है? Kamika Ekadashi 2027 Date And Time New Delhi India
| व्रत त्यौहार | व्रत त्यौहार समय |
|---|---|
| कामिका एकादशी व्रत | 29 जुलाई 2027, दिन गुरुवार |
| एकादशी तिथि प्रारम्भ होगी | 29 जुलाई 2027, सुबह 07:33 मिनट पर |
| एकादशी तिथि समाप्त होगी | 30 जुलाई 2027, सुबह 05:12 मिनट पर |
| एकादशी व्रत पारण का समय | 30 जुलाई 2027, दोपहर 01:49 से शाम 04:31 मिनट तक |
कामिका एकादशी पूजा विधि
कामिका एकादशी के दिन जो लोग लोग व्रत रखना चाहते है। वे लोग सुबह जल्दी उठकर दैनिक क्रिया से निवित्र होकर स्नान आदि करके साफ कपड़े पहनकर एकादशी व्रत का संकल्प ले। इसके बाद पूजा मंदिर की साफ अच्छे से साफ-सफाई करें। इसके पश्च्यात पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या फ़ोटो स्थापित करे । इसके पच्यात भगवान विष्णु का दूध में केसर मिलाकर जलाभिषेक करें। इसके बाद भगवान विष्णु जी को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें। और उनके समीप घी का दीपक प्रज्वलित करें।
और सम्भव हो सके तो इस दिन व्रत भी रखे। और सुख, शांति के लिए भगवान विष्णु जी से प्रार्थना करें। और रात्रि जागरण करते हुए कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) व्रत कथा का पाठ करें। और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए। भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान भोलेनाथ की पूजा करके आरती करें। और भगवान विष्णु जी को तुलसी सहित भोग लगाए। और पूजा में हुई गलती के लिए क्षमा याचना करें। और भोग में गुड़, चने की डाल, किशमिश, केला आदि का भोग लगाएं।
कामिका एकादशी व्रत के उपाय
कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) के दिन भगवान विष्णु की पूजा आराधना करने शुभ दिन माना जाता है। शास्त्रो में बतलाया गया है कि एकादशी व्रत के दिन पूजा-पाठ के अलावा भगवान विष्णु जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय भी किया जाता है। जिसे करने से सुख, समृद्धि के अलावा सभी मनोकामनाएं पूरी होती है। जैसे –
- भगवान विष्णु को पिला रंग अति प्रिय है इसलिए इनकी पूजा में पीला वस्त्र, पिला पुष्प, पीली मिठाई आदि अर्पित करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है और उसके ऊपर भगवान विष्णु की सदैव कृपा प्राप्त होती है।
- यदि आप के घर पैसों की तग्गी रहती है, रोजगार में हानि होती रहती है, घर मे पैसा नही टिकता है। ऐसे में कामिका एकादशी (Kamika Ekadashi) व्रत के दिन पीपल के पेड़ के नीचे घी का दीपक जाने से और पीपल वृक्ष की परिक्रमा करने से भगवान विष्णु जी के साथ माता लक्ष्मी जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। घर की सभी प्रकार की बाधाएं और दरिद्रता दूर होती है।
कामिका एकादशी व्रत में क्या खाये क्या नही
- कामिक एकादशी व्रत में शकरकंद, कुट्टू, आलू, साबूदाना, नारियल, काली मिर्च, सेंधा नमक, दूध, बादाम, अदरक, चीनी आदि पदार्थ खाने में शामिल कर सकते हैं। लेकिन एकादशी व्रत में अन्न का सेवन नही करना चाहिए। और ना ही मांस, मछली, अंडा, लहसुन, प्याज आदि चीजो को नही कहना चाहिए।
2028 में कामिका एकादशी कब है
